धनबाद
विश्वभर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 18 अप्रैल को ‘विश्व विरासत दिवस’ (अंतर्राष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल दिवस) मनाया जाता है। इसी कड़ी में धनबाद रेल मंडल ने भी अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ी को इससे अवगत कराने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। 18 अप्रैल 2026 को धनबाद में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हमारी धरोहरें सिर्फ पुरानी इमारतें या वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि ये हमारी सभ्यता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की जीवंत पहचान हैं, जिनका संरक्षण हम सभी का परम कर्तव्य है।
हमारी सभ्यता और इतिहास की जीवंत पहचान हैं ऐतिहासिक धरोहरें
विश्व विरासत दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को अपनी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के महत्व से रूबरू कराना है। धनबाद रेल मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में इसी बात पर विशेष जोर दिया गया कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपने अतीत के पन्नों को न भूलें। रेलवे का इतिहास भारत के विकास का आइना रहा है, और रेलवे की पुरानी वस्तुएं व संरचनाएं उस विकास यात्रा की गवाह हैं। इन धरोहरों का संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता है।
2026 की थीम: आपदाओं और संघर्षों के बीच जीवित विरासत की सुरक्षा
वर्ष 2026 के लिए विश्व विरासत दिवस की एक बेहद प्रासंगिक और महत्वपूर्ण थीम निर्धारित की गई है- “संघर्षों और आपदाओं के संदर्भ में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया”। इस थीम का मुख्य फोकस इस बात पर है कि युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूकंप, बाढ़) या अन्य गंभीर संकटों के समय हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासतों को कैसे सुरक्षित रखा जाए। यह विषय इस बात पर बल देता है कि संकट की स्थिति में धरोहरों को बचाने के लिए पूर्व तैयारी और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है, ताकि हमारा इतिहास नष्ट न हो।
अखिलेश मिश्र के नेतृत्व में लगी भव्य ऐतिहासिक प्रदर्शनी
इस महत्वपूर्ण दिवस के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अखिलेश मिश्र के कुशल नेतृत्व में धनबाद मंडल द्वारा एक शानदार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस विशेष प्रदर्शनी में धनबाद रेल मंडल द्वारा संरक्षित विभिन्न प्राचीन विरासत वस्तुओं और ऐतिहासिक रोलिंग स्टॉक को प्रदर्शित किया गया। इन वस्तुओं में रेलवे के शुरुआती दौर के उपकरण और पुरानी कार्यप्रणाली को दर्शाने वाली अमूल्य धरोहरें शामिल थीं, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग भारतीय रेलवे के गौरवशाली अतीत से परिचित हुए।
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स्कूली बच्चों और स्काउट एंड गाइड ने जाना रेलवे का इतिहास
प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण युवाओं और बच्चों की भागीदारी रही। इस आयोजन में स्काउट एंड गाइड के सदस्यों और विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने अत्यधिक उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों को विरासत वस्तुओं और रोलिंग स्टॉक के ऐतिहासिक महत्व, उनके कार्य करने के तरीके और रेलवे के विकास में उनके योगदान से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। साथ ही, बच्चों को इस वर्ष की थीम के अनुरूप विरासत संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें भविष्य में अपनी ऐतिहासिक संपदा को सहेजने के लिए सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला कल्याण संगठन और रेल अधिकारियों की रही अहम भागीदारी
धनबाद रेल मंडल के इस सफल आयोजन में पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन (ECRWWO) की भी अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन, धनबाद मंडल की अध्यक्षा प्रिया मिश्र सहित संगठन की अन्य सक्रिय सदस्याएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इसके अलावा, मंडल के कई वरीय अधिकारीगण और बड़ी संख्या में कर्मचारीगण भी इस विश्व विरासत दिवस समारोह का हिस्सा बने और उन्होंने धरोहरों को संरक्षित करने का संकल्प लिया।






