
■ जैविक कृषि-बागवानी से जोड़े अपने घर और परिवार को:- उपायुक्त….
देवघर।
महिलाओं को सशक्त व स्वाबलंबी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय के निर्देशानुसार जे.एस.एल.पी.एस के द्वारा सखी मंडल की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जा जा रहा है। इसी कड़ी में देवघर जिला के सारवां प्रखंड के सदानंद गांव की महिला ने सब्जी की खेती कर दूसरे महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश की है। अपने घर की स्तिथि को बेहतर करने के जुनून ने श्रीमती पिंकी देवी को मां दुर्गा आजीविका सखी मंडल से जोड़ दिया।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद पिंकी दीदी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर सर्वप्रथम 1000 और 1500 रुपये का ऋण लेकर सब्जी की खेती करना शुरू की। फिर सब्जी बेच कर होने वाले मुनाफा से जहाँ इनका आत्मबल बढ़ा, वहीँ जे.एस.एल.पी.एस के द्वारा सीसीएल की मदद से इन्हें 10000 रुपये का ऋण भी पुनः आसानी से मिल गया। इससे ये अपने सब्जियों के व्यापार को आगे बढ़ा कर अच्छी आमदनी कर रही हैं। सिर्फ इतना हीं नहीं आज पिंकी दीदी सब्जियों के साथ-साथ बेहतर मटर उगाने की खेती भी कर रही है। सफल किसान बनने की बात पर पिंकी दीदी ने बताया, ” पहले कभी खेती के बारे में नहीं सोचती थी, लेकिन परिस्थितिवश जब काम करने की नौबत आई तो मन लगाकर घर पर ही खेती की, जिसके फलस्वरूप स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद आज मैं स्वयं पैसे कमा कर अपने घर में सहयोग कर रही हूँ।”
■ उपायुक्त ने की जिलावासियों से अपील….
इस दिशा में उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने आग्रह करते हुए कहा है कि सभी नागरिक एवं हर वर्ग के लोग जैसे बच्चे-बड़े, महिलायें -पुरुष, युवा-बुजुर्ग छोटे से बड़े स्तर पर जैविक कृषि-बागवानी से जुड़कर एक कदम स्वच्छता और हरियाली की ओर बढ़ा सकते हैं। इसके अलावे उन्होंने कहा कि आज जहाँ स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद दीदी की आर्थिक स्थिति सिर्फ बेहतर हीं नही हुई बल्कि वे अपने साथ-साथ अपने परिवार के लोगों के भी जीवनस्तर में सुधार लायी हैं और इसका जीता-जागता उदाहरण पिंकी दीदी हैं, जो कि देवघर जिला की अपनी लग्न, मेहनत और सफलता से अन्य सभी महिलाओं को भी प्रेरित करने का काम किया है।


