
पटना।कार्तिक छठ पूजा के अवसर पर 9वीं बटालियन एनडीआरएफ बिहटा (पटना) की 10 टीमें बिहार राज्य के पटना, बक्सर, भोजपुर तथा सारण जिलों में तैनात की गई है। पटना शहर में गंगा नदी घाटों पर एनडीआरएफ की 07 टीमें बुधवार को रेस्क्यू मोटर बोट तथा अत्याधुनिक बाढ़-बचाव उपकरणों के साथ तैनात की गई है। एनडीआरएफ की टीमें 31 अक्टूबर छठ पूजा के नहाय-खाय से लेकर 03 नवम्बर को सूर्योदय अर्ध्य तक गंगा नदी घाटों पर तथा नदी के किनारे बोटों से लगातार श्रद्धालुओं का निगरानी करेगी ताकि स्नान के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो सके।


श्री विजय सिन्हा कमाण्डेंट ने बताया कि इस साल छठ पर्व में 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के 400 से अधिक बचावकर्मी 75 रेस्क्यू मोटर बोटों के साथ दानापुर पीपापुल घाट से पटना सिटी भठ्ठा घाट तक गंगा नदी घाटों पर तैनात किये गये हैं। एनडीआरएफ की 01 टीम हल्दी छपरा घाट मनेर (पटना) में भी तैनात की गई है। सभी टीमें कुशल तैराक, गोताखोर, अत्याधुनिक बाढ-बचाव व संचार उपकरणों से लैस है। तैनाती के दौरान कुशल समन्वय हेतु पटना गॉधी घाट पर एनडीआरएफ द्वारा टेक हैडकवार्टर स्थापित किया गया है। सभी टीमों के साथ मेडिकल स्टाफ पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाईयों के साथ मौजूद है। गॉधी घाट, गाय घाट, कुर्जी घाट तथा दीघा घाट पर एनडीआरएफ के चिकित्सा अधिकारी की मौजूदगी में मैडिकल बेस कैम्प स्थापित किया गया है। इसके अलावा 04 रिवर एम्बुलैंस भी गंगा नदी घाटों के किनारे छठ पूजा के दौरान तैनात की गई है। एनडीआरएफ की एक टीम को दिदारगंज, पटना में अलर्ट पर रखा गया है।
कमाण्डेंट श्री विजय सिन्हा ने आगे बताया कि एनडीआरएफ के जवान मेगाफोन तथा सीटी के माध्यम से श्रद्धालुओं को बैरेकेटिंग के आगे जाने से नियंत्रित करेंगे। उन्होनें श्रद्धालुओं को अगाह किया कि गंगा नदी में बैरेकेटिंग के आगे काफी गहराई है। श्रद्धालु किसी भी स्थिति में स्नान के दौरान बैरेकेटिंग के आगे नदी में न जायें । इस समय गंगा नदी में अन्दर पानी का बहाव भी तेज है। इससे श्रद्धालुओं को बचना चाहिए।

