देवघर: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत देवघर जिले में गव्य विकास और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 2048 लाभुकों का अंतिम चयन किया गया है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में आवेदनों की जांच के बाद लाभुकों के नामों को स्वीकृति दी गई।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने दिव्यांग, विधवा और दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ देने पर जोर दिया, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी आजीविका में सुधार किया जा सके।
जोड़ा बैल से लेकर 10 गाय योजना तक लाभुकों का चयन
चयन समिति की बैठक में अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभुकों की संख्या निर्धारित की गई। इसके अनुसार, जोड़ा बैल योजना के लिए 54 और दो गाय योजना के लिए 555 लाभुकों का चयन किया गया है। वहीं, पांच गाय योजना के तहत 115 तथा 10 गाय योजना के लिए 29 लाभुक चुने गए हैं।
अन्य स्वीकृत योजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
| योजना | चयनित लाभुक |
|---|---|
| जोड़ा बैल योजना | 54 |
| दो गाय योजना | 555 |
| पांच गाय योजना | 115 |
| 10 गाय योजना | 29 |
| डीप बोरिंग | 98 |
| वर्मी कम्पोस्ट | 195 |
| मिल्किंग मशीन | 6 |
| पनीर-खोवा मेकिंग मशीन | 6 |
| काव मेट | 435 |
| हस्तचालित चैफ कटर | 100 |
| विद्युत चालित चैफ कटर | 120 |
| कुल | 1713 |
लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि पशुपालन और गव्य विकास से जुड़ी योजनाएं ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित चयन समिति के सदस्य और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
महत्वपूर्ण आंकड़े में अंतर: प्रकाशन से पहले पुष्टि जरूरी
प्रेस विज्ञप्ति में कुल 2048 लाभुकों के चयन की बात कही गई है, लेकिन उपलब्ध 11 योजनाओं के आंकड़ों को जोड़ने पर 1713 लाभुक होते हैं। यानी 335 लाभुकों का विवरण उपलब्ध सूची में नहीं है। खबर प्रकाशित करने से पहले देवघर जिला प्रशासन से शेष लाभुकों और संबंधित योजना का विवरण जरूर सत्यापित कर लें।

