
पारस सिंह झा | देवघर
देवघर में नवरात्रि के अवसर पर युवाओं ने भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया। सामाजिक संगठन यूथ वॉयस, देवघर की ओर से बेलाबगान स्थित दुर्गाबाड़ी में भव्य दीपोत्सव और महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां दुर्गा की आराधना की। दीपों की रोशनी और माता के जयकारों से पूरा दुर्गाबाड़ी परिसर भक्तिमय हो उठा।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सभ्यता को संरक्षित करने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना था।
दीपों की रोशनी से जगमगाया बेलाबगान दुर्गाबाड़ी परिसर
नवरात्रि के अवसर पर आयोजित दीपोत्सव में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ बेलाबगान बालक संघ के सदस्य और यूथ वॉयस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना की। दीपों की रोशनी और भक्तिमय वातावरण ने आयोजन को विशेष बना दिया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
युवाओं ने लिया सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प
यूथ वॉयस, देवघर के सदस्यों ने कहा कि आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है।संगठन के अनुसार, दीपोत्सव और महाआरती जैसे सामूहिक आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता और आपसी सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।सदस्यों ने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बेलाबगान बालक संघ को पुष्प का पौधा भेंट कर किया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन पर यूथ वॉयस के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल की।आयोजन में सहयोग देने वाले बेलाबगान बालक संघ के सदस्यों को पुष्प के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके माध्यम से संगठन ने पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।
यूथ वॉयस के सदस्यों ने कहा कि संस्कृति और पर्यावरण दोनों ही हमारी पहचान के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: जमशेदपुर में सजेगी ‘पंचायत’ के फुलेरा गांव की महफिल, JLF 2.0 में आएंगे ‘विनोद’ और ‘माधव’, जानिए कब और कहां होगा आयोजन
संस्कृति और पर्यावरण दोनों को बचाना हमारा लक्ष्य : यूथ वॉयस
संगठन के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।वहीं, बेलाबगान बालक संघ के सदस्यों ने यूथ वॉयस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने धार्मिक आयोजन के साथ पौधा भेंट करने की परंपरा को समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया।इस आयोजन ने देवघर में युवाओं की सामाजिक सहभागिता, सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।

