जमशेदपुर।
शहर के सोनारी के रहने वाले तारकेश्वर सिह का पूत्र मनीषी का का चयन भारतीय क्रिकेट टीम के अंडर -19 मे किया गया है। लेफ्टन स्पीनर मनीषी के चयन के जानकारी जैसे ही मनीषी के परिवार वालो को मिली परिवार वालो में खूशी व्याप्त देखी जा रही है। वही मनीषी के चयन के बाद उसके बाद माता –पिता पड़ोसियो के द्रारा बधाई देने वालो का तांता लगा हुआ है।मनीषी जमशेदपुर के डीएवी स्कूल के दसवी का छात्र है और वह फिलहाल हैदराबाद में झारखंड के अंडर-23 खेल रहा है।
सयुक्त परिवार के साथ रहने वाले तारकेश्वर सिह के एक पूत्र मनीषी और एक पूत्री तृप्ति है। वैसे इस घर में कुल ग्यारह बच्चे है जिसमे 6 लड़किया और 5 लड़के शामील है।सभी काफी खुश है। सभी भाई बहन मनीषी का इंतजार कर रहे है कि उसके आने के बाद
सभी लोग सिलेब्रेट करेगे।
मनीषी के पिता तारकेश्वर सिह कहते है कि वे उनके लिए काफी खुशी के साथ साथ गर्व की बात है उन्होने कहा कि वह बचपन से किक्रेट का जनून था और तमाम विपरीत परिस्थीती में वह इस कामयाबी तक पहुंच सका है। उन्होने कहा पहले मनीषी के काजल दास कोच थे । चुकि उसे बालिंग में अपना कैरियर बनाना था इस कारण उसने बैकटराम के कोचिंग मे बांलिग सिखा । जो अनवरत जारी है। उन्होने कहा कि अभी हाल में कुचविहार ट्राफी में 18-19 मे भारत मे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला खिलाड़ी का क्षेय है उसने अलग अलग मैचो मे57 विकेट लिया था। उसी को देखत हुए झारखंड अंडर -23 में इसका चयन किया गया ।अंडर -16 का परफामेंस अच्छा था.
वही मनीषी की मां कहती है कि उसे भरोसा था कि उसका बेटा एक दिन सफल होगा। जबकि इस खुशी मे दादी में पीछे नही है दादी का कहना है एक दादी के लिए इससे बड़ी खुशी क्या हो सकता है । उसका पोता अब देश केलिए खेलेगा। मै अपने आप को काफी खुशकिस्मत मानती हुं। वही चाची तो कहती है कि एक बार पैर टुट गया तो हमलोग भागवान से प्रार्थना करते थे। कि वह ठीक हो जाए। लेकिन फिर उसने हिम्मत नही हारी और इस मुकाम तक पहुंचा।
उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने बुधवार को भारत के अंडर -19 टीम की घोषणा की है। उसमे मनीषी का नाम भी शामिल है।



