
चाईबासा । कोल्हान विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठकों का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कार्यक्रम के पहले दिन कॉलेज के कार्यक्रम पदाधिकारियों की वार्षिक बैठक बुलाई गई, जबकि दूसरे दिन 6वीं NSS सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इन दोनों बैठकों का मुख्य उद्देश्य NSS की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाना, समाज सेवा से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारना और युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना था। इस बड़े आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के 40 से अधिक कार्यक्रम पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
गांव गोद लेने और ग्रामीण विकास पर जोर
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कुलपति अंजिला गुप्ता और कुलसचिव रंजीत कुमार कर्ण ने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अपने मुख्य संबोधन में कुलपति अंजिला गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि NSS एक ऐसा मंच है, जो शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों को सीधे समाज से जोड़ता है। उन्होंने सभी NSS इकाइयों से स्पष्ट अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक इकाई कम से कम एक गांव को गोद ले और वहां निरंतर विकास, शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाए। इसके साथ ही उन्होंने NSS के मूलमंत्र “Not Me But You” को हर युवा तक पहुंचाने का आह्वान किया।
NSS को झारखंड में किया जाएगा और अधिक सशक्त
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित पटना के NSS क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने झारखंड में NSS विंग को मजबूत करने के लिए कई अहम बिंदु रखे। उन्होंने ट्रेजरी सिंगल अकाउंट (TSA) मोड लागू करने, स्वयंसेवकों का बेहतर डेटाबेस बनाने, वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने और विशेष प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन पर विस्तृत चर्चा की। कुलसचिव रंजीत कुमार कर्ण ने भी सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने परिसरों में NSS गतिविधियों में और तेजी लाएं।
6वीं सलाहकार समिति में बनी आगामी रणनीति
दूसरे दिन आयोजित 6वीं NSS सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता संजय कुमार सिंह ने की। इसमें कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त के सचिव अजय कुमार सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता अभियान और आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई।
गैर-सरकारी संस्थाओं की भी रही सक्रिय भागीदारी
पूरे कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन NSS समन्वयक मीनाक्षी मुंडा ने किया। उन्होंने युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने में NSS के महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर ग्रामीण विकास और समाज सेवा में कार्यरत आदिवासी मित्र मंडल, PRADAN, ग्रामीण बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण और प्लान इंटरनेशनल (इंडिया चैप्टर) जैसे प्रमुख सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। अंत में पीजी भूविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापिका जया जैक्लिन तिर्की ने धन्यवाद ज्ञापन कर इस दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन किया।



