चाईबासा: विश्व पृथ्वी दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर बुधवार को कोल्हान विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। “हमारा ग्रह, हमारी शक्ति” (Our Power, Our Planet) थीम पर आधारित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के प्रति समाज और युवाओं में जागरूकता फैलाना तथा आम जनमानस को सतत जीवनशैली (Sustainable Lifestyle) अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
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पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता किन्हीं अपरिहार्य कारणों से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं, किंतु उन्होंने अपने लिखित संदेश के माध्यम से छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन आज एक बेहद गंभीर और वैश्विक चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए हर व्यक्ति को अपने स्तर पर ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने, वृहद स्तर पर पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण को एक व्यापक जनआंदोलन बनाने पर विशेष बल दिया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. रंजीत कर्ण ने कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
‘सस्टेनेबल लाइफ’ और दैनिक जीवन के छोटे बदलाव
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. मनमत नारायण सिंह ने “सस्टेनेबल वे ऑफ लाइफ” को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि देश का हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाए, तो पर्यावरण का संतुलन आसानी से बनाए रखा जा सकता है। सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ. परशुराम सियाल ने जोर देते हुए कहा कि हमारे दैनिक जीवन के छोटे-छोटे बदलाव भविष्य में बड़े और सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने कपड़े के थैले का इस्तेमाल करने, सिंगल यूज प्लास्टिक से पूरी तरह परहेज करने और जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। वहीं, राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव आनंद ने “जहाँ हरियाली होगी, वहाँ खुशहाली होगी” का नारा देते हुए पानी बचाने और हर व्यक्ति द्वारा कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की।
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चित्रकला के जरिए उकेरा पर्यावरण बचाने का संदेश
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीता कुमारी ने बताया कि इस वर्ष की थीम “Invest in Our Planet” के अंतर्गत छात्रों को पर्यावरणीय स्थिरता, जलवायु कार्रवाई और प्रकृति संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर चित्रकला (Painting) के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करने का शानदार अवसर दिया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार घोषित किए गए:
प्रथम पुरस्कार: सुरु बनरा
द्वितीय पुरस्कार: लेम्बाती हेस्सा एवं मनीषा मुर्मू
तृतीय पुरस्कार: तिलोत्तमा पान
सांत्वना पुरस्कार: पुष्पांजलि कुमारी गोप (सेमेस्टर 3), कमला जोंको, अनीता बोइपाई, बिबियानी बरला, लक्ष्मी कुमारी एवं प्रसन्न कुमार सिंकू को देकर सम्मानित किया गया।
‘हर दिन है पृथ्वी दिवस’ – पर्यावरण मित्र बनाने का आह्वान
कार्यक्रम में प्रो. कंचन कच्छप, डॉ. समंता रे, डॉ. जया जैकलिन तिर्की, डॉ. मीनाक्षी मुंडा, प्रो. प्रदीप झा और प्रो. विकास मुंडा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि हर व्यक्ति सचेत हो जाए तो वर्ष भर में हजारों लीटर बहुमूल्य पानी की बचत संभव है। प्रो. इंदल पासवान ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पेड़ों के कारण ही धरती पर जीवन संभव है और उन्होंने स्वयं सैकड़ों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दिया है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को “पर्यावरण मित्र” बनाएं। पूरे कार्यक्रम का समापन इस महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ कि “हर दिन पृथ्वी दिवस है” और इस खूबसूरत पृथ्वी को सुरक्षित रखना हम सभी का साझा दायित्व है।






