
चाईबासा। कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा का सप्तम दीक्षांत समारोह मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को वीर शहीद पोटो हो सभागार में आयोजित हुआ। समारोह में झारखंड के राज्यपाल सह विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर 5,515 छात्र-छात्राओं को उपाधियां, 26 टॉपरों को स्वर्ण पदक और 39 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
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डिग्री के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है: राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी स्वीकार करने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हाथ में डिग्री के साथ ज्ञान, संकल्प और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी आता है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता, परिवारजनों और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता में परिवार के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
जनजातीय संस्कृति और स्थानीय विषयों पर शोध पर जोर
राज्यपाल ने कोल्हान की जनजातीय संस्कृति, भाषाओं, लोकज्ञान, इतिहास, कला, प्रकृति और पारंपरिक जीवन-पद्धति पर शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय ज्ञान जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संकट और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों से निपटने में उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में Centre for Regional and Tribal History विकसित करने की दिशा को भी महत्वपूर्ण बताया।
शोधार्थियों से उन्होंने पेयजल, वन, कृषि, जनजातीय स्वास्थ्य, पलायन, शिक्षा, स्थानीय रोजगार, लोककला, जनजातीय इतिहास, खनिज संसाधन और पर्यावरण जैसे स्थानीय विषयों पर शोध करने का आह्वान किया।
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80 हजार से अधिक विद्यार्थी, 9 कॉलेज निर्माणाधीन
कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन 20 अंगीभूत और 32 संबद्ध महाविद्यालय संचालित हैं तथा 80 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए 9 नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जबकि दो अन्य कॉलेज प्रस्तावित हैं।
उन्होंने बताया कि 17 विषयों में 134 शोधार्थियों का पीएचडी कोर्सवर्क पूरा हो चुका है, जबकि अगस्त 2026 सत्र में 70 विद्यार्थियों ने पीएचडी कोर्सवर्क के लिए नामांकन कराया है। शोध को बढ़ावा देने के लिए पुस्तकालय आधुनिकीकरण, INFLIBNET-NLIST, National Digital Library, Shodhganga और Drillbit Anti-Plagiarism Software जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
26 टॉपरों को स्वर्ण पदक, 39 को पीएचडी
दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों के 26 टॉपरों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके साथ ही 39 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के हाथों प्रदान की गई।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। इनमें क्रिकेटर कुमार कुशाग्र, तीरंदाज अंकिता भकत और कोमोलिका बारी तथा संताली फिल्म आंगेन के निर्देशक एवं विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी रविराज मुर्मू की उपलब्धियां शामिल रहीं। NSS के तहत 57 गांवों को गोद लेने और 1,000 से अधिक यूनिट रक्तदान की जानकारी भी दी गई।
समारोह के अंत में परीक्षा नियंत्रक रिंकी दोराई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का उपयोग व्यक्तिगत विकास के साथ समाज और राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया।


