
चाईबासा/जमशेदपुर: कोल्हन विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर (पीजी) भूगोल विभाग में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को “ज्ञान प्रबंधन और फील्ड वर्क डॉक्यूमेंटेशन” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई प्रतिष्ठित विद्वान, शिक्षक और शोधार्थी शामिल हुए।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोल्हन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अंजली गुप्ता और विशेष अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ. अमर कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष सह संयोजक डॉ. सुनीता कुमारी और सहसंयोजक डॉ. कंचन द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में जाने-माने वक्ता डॉ. प्रवेश आलम ने शिरकत की। इसके अलावा कार्यक्रम में धर्मेंद्र रजक, मीनाक्षी मुंडा, प्रदीप झा और आइक्यूएसी (IQAC) डायरेक्टर रंजीत कर्ण भी उपस्थित रहे।
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शोध और सामाजिक कार्यों में दस्तावेजीकरण का महत्व
मुख्य वक्ता डॉ. प्रवेश आलम ने अपने संबोधन में कहा कि शोध और सामाजिक कार्य में ज्ञान प्रबंधन (Knowledge Management) और दस्तावेजीकरण (Documentation) का अत्यधिक महत्व है। उन्होंने अच्छे दस्तावेजीकरण के मूल मंत्र को समझाते हुए ‘फाइव डब्ल्यू और वन एच’ (5W and 1H)— यानी क्या, कब, कहाँ, क्यों और कैसे— के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस कार्यशाला में मास्टर डिग्री (प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर) के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सरस्वती भूरिया पूर्ति और शोधार्थी सुदीप्तो, सरिता व शिक्षा ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और ज्ञान प्रबंधन की बारीकियों को समझा।
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कार्यशाला के मुख्य बिंदु
प्रमुख उपस्थिति: कुलपति अंजली गुप्ता और कुलसचिव अमर कुमार रहे मौजूद।
मुख्य वक्ता: डॉ. प्रवेश आलम ने ज्ञान प्रबंधन और ‘5W1H’ के सिद्धांतों पर चर्चा की।
आयोजनकर्ता: भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता कुमारी और डॉ. कंचन द्वारा सफल संचालन।
प्रतिभागी: पीजी के छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों ने कार्यशाला में लिया हिस्सा।


