
आउटसोर्सिंग कर्मियों के मामले पर अस्पताल प्रबंधन पर भड़के विधायक


*विधायक दीपक बिरुवा के सवालों पर चुप्पी साध गया अस्पताल प्रबंधन*
चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा आउटसोर्सिंग कर्मियों के छंटनी मामले में अस्पताल प्रबंधन पर बिफर पड़े, जब उनके सवालों के जवाब पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा संतोषजनक नहीं दिया गया, वहीं आउटसोर्सिंग कर्मियों का रोजगार बचाने की दिशा में अस्पताल प्रबंधन ने सक्रियता नहीं दिखाई। श्री बिरुवा ने कहा कि इस मामले पर जिस तरह का रवैया अस्पताल प्रबंधन अपना रही है, यह जांच का मामला है। आउटसोर्सिंग कर्मियों के निर्धारित मानदेय में कटौती की गई है। इस पूरे मामले में आउटसोर्सिंग कर्मियों के रोजगार के साथ खिलवाड़ और पैसों का भी घालमेल है। इस मामले की जानकारी माननीय मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को दी जाएगी।
*धरना स्थल पर बैठे विधायक* –
विधायक दीपक बिरुवा और चाईबासा नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डोमा मिंज ने शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में हड़ताल में बैठे आउटसोर्सिंग कर्मियों का नैतिक समर्थन किया। वहीं श्री बिरुवा ने आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांगों पर सार्थक पहल करने की बात कही।
विधायक श्री बिरुवा को आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बताया कि जिला में 576 आउटसोर्सिंग कर्मी स्वीपर, वार्ड बाॅय, ड्रेसर, प्लंबर, ड्राइवर, बिजली मिस्त्री आदि अल्प भत्ते पर काम कर रहे हैं। प्रधान सचिव के निर्देश पर आउटसोर्सिंग कर्मियों की छंटनी की किये जाने के विरोध में सभी कर्मी 14 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।सभी कर्मियों ने विधायक जी से आउटसोर्सिंग कर्मियों का रोजगार बचाने का आग्रह किया। इसके बाद विधायक दीपक बिरुवा ने सिविल सर्जन से मिलकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए, जिसका अस्पताल प्रबंधन द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जिस पर विधायक जी ने नाराजगी जताई।
*आउटसोर्सिंग कर्मियों की मुख्य मांगे–*
कर्मियों की छंटनी रद्द करने। आठ माह का बकाया मानदेय दिया जाए। विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप मानदेय दिए जाने समेत अन्य मांग शामिल है।

