
संवाददाता: आनंद किशोर

बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार प्रदेश में होने वाले आगामी विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधान परिषद का उम्मीदवार घोषित किया है। इस फैसले के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में भी हलचल तेज हो गई है।
पवन सिंह समेत 4 उम्मीदवारों के नामों पर लगी मुहर
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए चार प्रमुख नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का नाम है। उनके अलावा बीजेपी ने डॉक्टर संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी बिहार विधान परिषद का उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के इस संतुलित कदम को आगामी चुनावों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पवन सिंह के राजनीतिक सफर में आया बड़ा मोड़
भोजपुरी फिल्म जगत में अपनी गायकी और अभिनय के दम पर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले पवन सिंह के लिए यह फैसला एक बहुत बड़ा राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से उनके राजनीतिक सफर को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनकी राजनीतिक सक्रियता काफी चर्चा में रही थी। अब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें सीधे बिहार विधान परिषद भेजने का निर्णय लेकर यह साफ कर दिया है कि पार्टी उनके जनाधार और लोकप्रियता का इस्तेमाल बिहार की स्थानीय राजनीति को मजबूत करने में करना चाहती है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस सूची के जरिए बिहार में बड़े सोशल इंजीनियरिंग और जातीय समीकरण को साधने का प्रयास किया है। पवन सिंह की युवाओं और आम जनता के बीच जबरदस्त पकड़ है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को राज्य स्तर पर मिलेगा। वहीं डॉक्टर संजय मयूख जैसे अनुभवी नेताओं को दोबारा मौका देकर पार्टी ने अपने पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी बड़ा संदेश दिया है। अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित के नामों को शामिल कर पार्टी ने समाज के विभिन्न वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने का सफल प्रयास किया है।
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बिहार की राजनीति में मचेगा तहलका
विधान परिषद चुनाव की इस घोषणा के बाद बिहार में चुनावी सरगर्मियां पूरी तरह चरम पर पहुंच गई हैं। पवन सिंह के मैदान में आने से विपक्ष के लिए भी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस घोषणा के बाद बिहार के अन्य राजनीतिक दल जैसे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खेमे से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।


