
जमशेदपुर।


बेल्डीह चर्च स्कूल परिसर में सातवीं कक्षा के छात्र रिशांत ओझा पर सहपाठी छात्र अमिश अख्तर द्वारा मारपीट की घटना में मंगलवार को बेल्डीह चर्च स्कूल अपनी ही बातों में फंस गई। जाँच टीम के सामने स्कूली छात्रों ने ही मारपीट की घटना की सच्चाई बयां कर के स्कूल प्रबंधन की झूठ बेनकाब कर दी। दरअसल चर्च स्कूल प्रबंधन लगातार स्कूल परिसर में छात्रों की आपसी मारपीट के आरोपों से इंकार कर रही थी। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा फरवरी महीने में 24 घँटों के अंदर स्कूल को घटना वाले दिन के सीसीटीवी फूटेज़ विभाग को सौंपने का निर्देश था।
निर्देश के बावजूद स्कूल की प्रिंसिपल ने घटना से इंकार करते हुए सीसीटीवी फूटेज़ नहीं होने की बात लिखित रूप में शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराया था। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय मामले की जाँच करवा रही है। जिला शिक्षा अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश के आलोक में मंगलवार को प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुब्रता महतो के नेतृत्व में विभाग की एक जाँच दल में स्कूल पहुंचकर मौके स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पक्ष रखने के किये सभी हितधारकों को भी मौजूद रहने को कहा गया था। जाँच के दौरान घायल छात्र रिशांत ओझा, उनके अभिभावक रमेश ओझा, संजय ओझा समेत शिकायतकर्ता भाजपा एवं शिक्षा सत्याग्रह नेता अंकित आनंद, आजसू जिला प्रवक्ता अप्पु तिवारी के अलावे स्कूल प्रबंधन के सचिव समेत अन्य लोग मौजूद थे। हालांकि बीईईओ के निर्देशों की अवमानना करते हुए तत्कालीन प्राचार्या एल. पीटरसन अनुपस्थित रहीं। उनकी ओर से अधिवक्ता और स्कूल के सचिव सुजीत चंद्र दास ने पक्ष रखा। पूछताछ के क्रम में छात्र अमिश अख्तर ने बताया कि किसी बात को लेकर कॉरिडोर में रिशांत ओझा से कहा सुनी हुई थी और स्कूल परिसर के अंदर ही उसने रिशांत ओझा को बेल्ट से मारा। अमिश ने कहा कि उसे उसदिन की घटना पर पछतावा है। छात्र रिशांत ओझा ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि स्कूल परिसर में ही उसपर बेल्ट से हमला हुआ जिससे उसकी आंखों और सिर में गंभीर चोटें आई। इलाज में लापरवाही की बात भी जाँच टीम के समक्ष रिशांत ने बताई। इससे पूर्व बेल्डीह चर्च स्कूल प्रबंधन के सचिव और अन्य लोग लगातार परिसर में मारपीट की घटना होने के आरोप से इंकार करते रहे थे। स्कूल ने अपने पक्ष रखने के लिए एक सीसीटीवी फूटेज़ भी जाँच दल को दिखाया जो कि दूसरी जगह का था। लेकिन बदकिस्मती से उक्त कैमरे में भी रिशांत ओझा पर बेल्ट से हमला की वीडियो कैद हो गई थी। यहाँ एकबार फ़िर जाँच दल के सामने स्कूल प्रबंधन की झूठ उज़ागर हो गई। रिशांत ओझा के अभिभावकों ने टाटा मुख्य अस्पताल के कागजात प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्कूल की ओर से किसी ने बच्चे को अस्पताल नहीं पहुंचाया। एक ऑटो चालक ने बच्चे को हॉस्पिटल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया। सूचना पाकर परिजन बागबेड़ा से टीएमएच पहुँचें किंतु काफ़ी समय बीतने के बाद भी स्कूल के जिम्मेदार लोगों ने घायल छात्र की सुध नहीं लिया। बच्चे को टीएमएच में एडमिट करा देने के बाद दो क्लर्क अस्पताल पहुँचें थे जिन्हें आक्रोश का सामना करना पड़ा। परिजनों ने स्कूल की लापरवाही के कारण उन्हें डाँटकर वहाँ से भगा दिया था।
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुब्रता महतो ने पूछताछ में मौजूद सभी हितधारकों को अपना लिखित पक्ष तीन दिनों के अंदर प्रखंड शिक्षा कार्यालय में समर्पित करने को कहा है ताकि उस आलोक में अग्रेतर कार्रवाई के लिए आयोग को अनुशंसा प्रतिवेदन समर्पित की जा सके। जाँच के बाद शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक और भाजपा नेता अंकित आनंद ने मीडिया को बताया कि विभागीय जाँच कमिटी के सामने सच्चाई उज़ागर हो गयी। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही वे लगातार जिला प्रशासन से सीसीटीवी फूटेज़ जब्त करने की माँग कर रहे थें, क्योंकि उन्हें बच्चे के बयान पर पूर्ण विश्वास था। कहा कि डीएसई के पत्र के आलोक में स्कूल की तत्कालीन प्राचार्या ने लिखित रूप में झूठ कहते हुए स्कूल परिसर में घटना होने से इंकार किया था। भाजपा नेता अंकित आनंद ने माँग किया कि झूठ कहने और प्रशासन को गुमराह करने के मामले में प्रिंसिपल एल.पीटरसन एवं प्रबंधन समिति के लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज़ की जाये। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुब्रता महतो ने भी निष्पक्ष जाँच और नियमसंगत कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
● शिक्षा सत्याग्रह का प्रभाव, बेल्डीह चर्च स्कूल खरीदेगी एम्बुलेंस
शिक्षा विभाग की जाँच टीम के समक्ष अंकित आनंद ने बेल्डीह चर्च स्कूल द्वारा बरती गई लापरवाही को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इसकी पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में कारगर सुझाव दिये। उन्होंने एनसीपीसीआर के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी निज़ी स्कूलों को फ़र्स्ट ऐड के लिए दक्ष और अनुभवी व्यक्ति की नियुक्ति और एम्बुलेंस का प्रबंध करना अनिवार्य है। बीईईओ ने भी इस मामले में स्कूल प्रबंधन को विचार करने का निर्देश दिया। उसी कड़ी में स्कूल प्रबंधन समिति के सचिव सुजीत चंद्र दास ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही बेल्डीह चर्च स्कूल एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की दिशा में कारगर प्रयास करेगी।
● जाँच के दौरान प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुब्रता महतो, राजीव शरण एवं अन्य समेत छात्र रिशांत ओझा, उनके अभिभावक रमेश ओझा, संजय ओझा, छात्र अमिश अख़्तर, उनके अभिभावक शकील अख्तर, मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता अंकित आनंद, आजसू जिला प्रवक्ता अप्पु तिवारी, विनोद प्रसाद समेत बेल्डीह चर्च स्कूल प्रबंधन की ओर से सुजीत चंद्र दास, धीरेन कुमार दास, वी. एमानुएल, प्रवीण साहू एवं अन्य मौजूद थे।

