
कोरोना संकट के बीच ही बिहार 109 वां स्थापना दिवस मना रहा है। सार्वजनिक समारोह के बदले सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वर्चुअल संवाद के जरिये बिहार दिवस पर लोगों को संदेश दिया। इस अवसर पर नीतीश ने राज्य के लोगों को बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी देते हुए कहा कि कभी देश का शासन बिहार से ही चलता था। नीतीश ने बिहार को मोक्ष और ज्ञान की धरती बतलाते हुए नालंदा विश्व विद्यालय की चर्चा की। इस अवसर पर नीतीश ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में बिहार गीत बजाने का निर्देश दिया है।


इस अवसर पर नीतीश ने एक बार फिर शराबबंदी पर राज्य सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों की चर्चा की और राज्य के लोगों से कहा कि जहां कोई गड़बड़ करते हुए मिले उसकी तुरंत जानकारी दे।
नीतीश ने बिहार दिवस की महत्ता को बतलाते हुए कहा कि फिर से हम वहां पहुंचे। जहां हजार वर्ष पहले थे। इस अवसर पर नीतीश ने जहा जनसंख्या पर नियंत्रण आवश्यक बतलाया तो पर्यावरण की रक्षा करना वक्त की जरूरत। नीतीश ने राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यो की चर्चा करते हुए जहां गांव और शहरों के विकास की बात को दुहराया। वहीं हर शहर को बायपास से जोड़ने की भी बात कही।
इस अवसर पर नीतीश ने कोरोना संकट की चर्चा करते हुए लोगो से सतर्क रहने की अपील की । मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि बिहार में कोरोना अभी नियंत्रण में है लेकिन फिर भी यहां मरीज की संख्या में काफी वृद्धि हो रही है। इसलिए लोगों को सामाजिक दूरी और मास्क पहनना जरूरी है। नीतीश ने होली के अवसर पर लोगों से समारोह से दूरी बनाये रखने की अपील करते हुए कहा जो लोग बाहर से आ रहे है उन पर भी नजर रखे।

