
जमशेदपुर।


बिष्टुपुर के बेल्डीह चर्च स्कूल में सातवीं क्लास के छात्र रिशांत ओझा पर सहपाठी छात्र द्वारा बेल्ट से किये गए हिंसक हमले के मामले में स्कूल की प्रिंसिपल के बुलावे के बाद घायल छात्र के अभिभावक शुक्रवार को स्कूल पहुँचें। छात्र रिशांत के चाचा संजय ओझा, अभिषेक ओझा के साथ में परिवार के अन्य सदस्य और नज़ीदकी मित्र भी पहुँचें थे। स्कूल के ही एक छात्र द्वारा हुए हमले में रिशांत ओझा की आंखों में गंभीर चोट आई थी। घायल छात्र का ईलाज कोलकाता के बड़े आई अस्पताल में चल रहा है। स्कूल में उक्त क्लास की परीक्षाएँ चल रही है। प्रिंसिपल से वार्ता के क्रम में बच्चे के अभिभावकों ने रिशांत की परीक्षाओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया। इस दौरान स्कूल की प्रिंसिपल एल.पीटरसन समेत स्कूल की उप प्राचार्या समेत कई पुरूष स्टाफ़ और क्लर्क भी मौजूद थें। रिशांत के चाचा ने स्कूल मैनजमेंट और स्टॉफ पर घोर लापरवाही और अमानवीय रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए प्रिंसिपल के समक्ष आपत्ति जताई। बताया कि घायल छात्र की सुध लेने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल या मैनजमेंट का कोई जिम्मेदार पदाधिकारी अस्पताल नहीं पहुंचा। वहीं घटना के दो दिन बाद गुरुवार को प्रिंसिपल एल.पीटरसन ने महज़ औपचारिकता निभाने के लिए रिशांत के चाचा को कॉल किया था और शुक्रवार को स्कूल में बातचीत के लिए बुलाया था। स्कूल के लापरवाह रवैये से अभिभावकों में नाराजगी है। बिष्टुपुर थाना में घटना के दिन ही हमला करने वाले छात्र समेत स्कूल प्रबंधन के ऊपर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रिशांत के चाचा ने लिखित शिकायत दिया था जिस आधार पर प्राथमिकी दर्ज़ की गयी। बिष्टुपुर थाना के स्तर से अबतक मामले में दोषियों पर कार्यवाई प्रारंभ नहीं हुई है।
ईधर वार्ता के दौरान स्कूल मैनजमेंट की ओर से मौजूद रॉबर्ट एलेग्जेंडर के अमर्यादित वक्तव्य से अभिभावक भड़क गयें। परीक्षा पर सहानुभूति से विचार करने की बात पर रॉबर्ट एलेग्जेंडर ने टिप्पणी करते हुए शर्मनाक बयान दिया था कि ऐसी छिटपुट घटनाएं तो स्कूल में होती ही रहती है। अगर बच्चे के एक आँख चोटिल है तो बच्चा एक आँख के सहारे परीक्षा दे सकता है। और केस समझौता के लिए दबाव बनाने लगें। बात बात में ही रॉबर्ट एलेग्जेंडर ने अभिभावकों पर गलत धार्मिक टिप्पणी कर दिया। इस टिप्पणी से अभिभावक भड़क गयें। घायल छात्र रिशांत ओझा की ओर से बतौर अभिभावक गए भाजपा नेता और शिक्षा सत्याग्रह संस्था के अंकित आनंद भड़क गयें। उन्होंने संयम खोया और कॉलर पकड़कर स्कूल प्रबंधन के रॉबर्ट एलेग्जेंडर को प्रिंसिपल कक्ष से बाहर कर दिया। कुछ समय के लिए स्थिति असामान्य हो गयी थी। हो हल्ला सुनकर बगल के स्टॉफरूम से कई टीचर भी रूम में प्रवेश कर गए और अभिभावकों के संग गाली गलौज करने लगें। इधर अभिभावकों ने भी अड़ियल रुख अपना लिया जिसके बाद स्कूल के व्यवहार में नरमी आई। टीचरों ने माफ़ी माँगतें हुए तुरंत अभिभावकों को पानी पिलाया और शांति से बातचीत को तैयार हुए। इसी बीच बेल्डीह चर्च स्कूल प्रबंधन के लोगों ने बिष्टुपुर थाना को बुला लिया था। पुलिस आकर वार्ता में बैठी रही। इधर बेल्डीह चर्च की प्राचार्या एल. पीटरसन को घायल छात्र रिशांत के अभिभावकों ने दो दिनों का समय दिया और इस मामले में विचार करने को कहा। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि हर हाल में दोषियों पर क़ानूनी कार्यवाई होनी चाहिए। प्रिंसिपल ने स्कूल के स्तर से हुए लापरवाही की बात को स्वीकारा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल मैनजमेंट के चेयरमैन और सेक्रेटरी से इस घटनाक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा करने के बाद अभिभावकों को सूचित कर दिया जायेगा। आआश्वासन मिलने के बाद अभिभावक शांति से निकल गए। उधर स्कूल गेट के बाहर स्कूल मैनजमेंट के ईशारे पर कई युवक इकट्ठे होने लगे थें। उक्त युवक अभिभावकों पर हमला करने की नीयत से आये थें लेकिन पुलिस की मौजूदगी से ऐसी घटनाएँ होने से रुक गयी।
- इस मामले में पूछे जाने पर छात्र रिशांत ओझा के चाचा संजय ओझा ने बताया कि स्कूल की प्रिंसिपल ने फ़ोन कर के बातचीत के लिए बुलाया था। आने पर केस समझौते के दबाव के अलावे गैर जिम्मेदार ढंग से बातचीत किया गया। डराने की कोशिश की गयी जिसका हमने ज़ोरदार विरोध किया है। स्कूल प्रिंसिपल ने दो दिनों का समय माँगा है। बच्चे की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस कार्यवाई में सुस्ती बरत रही है। दो दिनों तक इंतेज़ार करेंगे और उसके बाद हम लोग कोर्ट से क़ानूनी कार्यवाई के लिए बढ़ेंगे।
- शुक्रवार को बेल्डीह चर्च स्कूल के प्रिंसिपल चेंबर में हुए हँगामें के मामले में रिशांत ओझा के अभिभावकों के संग गए भाजपा नेता और शिक्षा सत्याग्रह संस्था के अंकित आनंद ने कहा कि स्कूल में कोई मारपीट नहीं हुई। वार्ता के दौरान उटपटांग बयानी करने वाले स्कूल मैनेजमेंट के रॉबर्ट एलेग्जेंडर को धक्का देकर बाहर निकाला गया क्योंकि वो लगातार बोलने पर भी नहीं जा रहे थें। उन्होंने धार्मिक टिप्पणी कर के भावनाएं आहत करने का प्रयास किया जो कि उनके द्वारा नहीं किया जाना चाहिए था। हम लोगों ने धैर्य और संयम का परिचय दिया जिससे बात बिगड़ने से बच गयी। स्कूल की प्राचार्या एल. पीटरसन समझदार लगीं। उन्होंने स्कूल के स्तर से हुई गलती को माना है। दो दिनों का समय मांगा है। अगर स्कूल प्रबंधन घायल छात्र रिशांत ओझा के हित में पहल करता है तो अभिभावक निश्चित ही उसका स्वागत करेंगे। अन्यथा स्कूल मैनजमेंट क़ानूनी कार्यवाई आगे बढ़ाना चाहेगी तो भी हम पीछे हटने वाले नहीं है। सुरक्षा और क़्वालिटी एडुकेशन के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक दोहन करने वाली बेल्डीह चर्च स्कूल ने इस पूरे घटनाक्रम में अबतक लापरवाही बरती है। स्कूल मैनजमेंट के लोगों पर क़ानूनी कार्यवाई होनी चाहिए। स्कूल मैनजमेंट के लोगों ने षड्यंत्र के तहत अभिभावकों पर हमला करने के लिए बाहर गुंडों को बुलाया था। पुलिस की मौजूदगी से बड़ी घटना घटित होने के रुक गयी। यह लॉ एंड ऑर्डर की समस्या है प्रशासन इसपर संवेदनशीलता से निबटे।
वार्ता के दौरान स्कूल की प्राचार्या एल.पीटरसन, रॉबर्ट एलेग्जेंडर, उप प्राचार्य समेत कई महिला टीचर मौजूद रहीं। वहीं घायल छात्र रिशांत ओझा की ओर से उनके चाचा संजय ओझा, अभिषेक ओझा, सोनू सिंह, अप्पू तिवारी, अंकित आनंद समेत अन्य मौजूद थें।


