जमशेदपुर । Adityapur Railway Station पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। दक्षिण पूर्व रेलवे के इस स्टेशन से आदित्यपुर–आसनसोल एक्सप्रेस ट्रेन का संपूर्ण परिचालन पूरी तरह महिला रेलकर्मियों द्वारा किया गया। लोको पायलट से लेकर गार्ड और टिकट जांच स्टाफ तक, ट्रेन के संचालन की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाली।
रेलवे के इस विशेष प्रयास ने नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण का शानदार उदाहरण पेश किया। स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने भी इस पहल की सराहना की।
महिला टीम ने संभाली ट्रेन की कमान
महिला दिवस के अवसर पर आदित्यपुर से रवाना हुई Adityapur–Asansol एक्सप्रेस का संचालन पूरी तरह महिला टीम ने किया। ट्रेन के परिचालन में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्ड और चेकिंग स्टाफ समेत सभी जिम्मेदारियां महिला कर्मचारियों ने निभाईं।यह पहल रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके आत्मविश्वास को दर्शाती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पहल से महिलाओं को प्रोत्साहन मिलता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
डीआरएम ने बढ़ाया महिलाओं का उत्साह
इस गरिमामयी कार्यक्रम में चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक Tarun Kumar Huria मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने महिला रेलकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल भारतीय रेल में समावेशी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि आज महिलाएं रेलवे के हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और यह पहल भविष्य में और अधिक महिलाओं को इस क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करेगी।
READ MORE :Holi Special Train 2026 :होली के बाद यात्रियों को बड़ी राहत बिहार के विभिन्न स्टेशनों से 58 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन, देखें लिस्ट
यूनियन और अधिकारियों की रही भागीदारी
इस अवसर पर रेलवे के कई अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुकेश सिंह, कौशिक दास और आशीष सिंह ने भाग लिया।दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के सदस्यों ने महिला कर्मचारियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं और रेलवे इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।
यात्रियों में दिखा उत्साह
स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने महिला टीम द्वारा संचालित ट्रेन को देखकर खुशी जाहिर की। कई लोगों ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायक कदम बताया।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ऐसे प्रयास महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में समानता और सम्मान का संदेश भी देते हैं।




