आदित्यपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सालडीह बस्ती में विगत 7 अप्रैल को हुई फायरिंग की दुस्साहसिक घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देश और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में गठित विशेष छापामारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन अपराधियों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां और एक स्कूटी भी बरामद की है। अपराधियों की इस गिरफ्तारी से बस्ती के लोगों और स्थानीय प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है।
स्वपन कुमार दास के घर पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग, दहशत में थे लोग
गौरतलब है कि 7 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6:55 बजे सालडीह बस्ती निवासी स्वपन कुमार दास के घर पर अज्ञात अपराधियों ने अचानक पहुंचकर फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना को लेकर आदित्यपुर थाने में कांड संख्या- 95/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा- 109/3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए तुरंत जाल बिछाना शुरू कर दिया था।
गुप्त सूचना और वैज्ञानिक अनुसंधान से पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम ने मानवीय गुप्त सूचनाओं और वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण करते हुए अपराधियों के छिपने के ठिकानों का सटीक पता लगाया। पुलिस की इस अचूक रणनीति के आगे अपराधी ज्यादा दिन तक बच नहीं सके। गिरफ्तार अभियुक्तों में पूर्वी सिंहभूम के गालुडीह का रहने वाला चन्दन गोराई उर्फ चन्दन बच्चा (वर्तमान पता- त्रिपुरारी कॉलोनी, आदित्यपुर), सरायकेला के नीमडीह का राजू कुम्हार उर्फ राजू टाकला (वर्तमान पता- सालडीह बस्ती) और बिहार के नालंदा निवासी प्रेम कुमार सिंह उर्फ जानी उर्फ प्रेम बच्चा (वर्तमान पता- कदमा, जमशेदपुर) शामिल हैं।
पत्थरबाजी और हथियार लहराने के पुराने मामले में भी थे वांटेड
पुलिस की सघन पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ये तीनों अपराधी 3 अप्रैल 2026 को सालडीह बस्ती में ही हुई एक अन्य हिंसक वारदात में भी मुख्य रूप से शामिल थे। उस दिन इन लोगों ने बस्ती में जमकर पथराव किया था और खुलेआम हथियार लहराकर लोगों को डराया-धमकाया था। उस घटना के संबंध में भी आदित्यपुर थाने में प्राथमिकी (कांड संख्या-89/26) दर्ज की गई थी और मौके से पुलिस ने दो जिंदा गोलियां व एक मैगजीन बरामद की थी। इन अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। विशेष रूप से राजू कुम्हार उर्फ राजू टाकला पर पिछले साल (2024) भी आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
अवैध हथियार बरामद, छापामारी दल में ये पुलिस पदाधिकारी रहे शामिल
तलाशी के क्रम में पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक देशी पिस्टल, एक मैगजीन में भरी हुई 4 जिंदा गोलियां और वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई स्कूटी (रजिस्ट्रेशन नंबर- JH05CZ-8357) बरामद की है। इस सफल छापामारी अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर कुमार सवैयाँ, आदित्यपुर थाना प्रभारी बिनोद तिर्की, पुलिस अवर निरीक्षक (SI) सुनिल कुमार सिंह, विनोद टुडू, राग कुमार सिंह, सतीश कुमार वर्णवाल और आदित्यपुर थाने के सशस्त्र बल के जवानों ने मुख्य और सराहनीय भूमिका निभाई।





