जमशेदपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार’ (InnovEST-2026) का समापन सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह कार्यक्रम अकादमिक और तकनीकी जगत के लिए एक अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली पहल साबित हुआ। इस सम्मेलन ने देश-विदेश के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग के पेशेवरों और छात्रों को एक ऐसा गतिशील मंच प्रदान किया, जहां सतत विकास (Sustainable Development) के लिए नवीन और व्यावहारिक समाधानों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव
इस समापन सत्र की शोभा संस्थान के कई गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार, उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा, डीन (शैक्षणिक) प्रो. एम. के. सिन्हा, रजिस्ट्रार प्रो. एस. के. सारंगी और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. परमानंद कुमार उपस्थित रहे। इन शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति ने न केवल कार्यक्रम का मान बढ़ाया, बल्कि शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और सतत तकनीकी प्रगति के प्रति एनआईटी जमशेदपुर की दृढ़ प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
वैश्विक चुनौतियों के लिए इंजीनियरिंग नवाचार की जरूरत
अपने समापन संबोधन में, निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिरता (Sustainability) से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने में इंजीनियरिंग नवाचारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने शोध के क्षेत्र में ‘अंतर्विषयक सहयोग’ (Interdisciplinary Collaboration) की आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं और छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे ऐसे समाधानों पर ध्यान केंद्रित करें जो न केवल व्यावहारिक और विस्तार योग्य हों, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी पूरी तरह से जिम्मेदार हों।
शोध और तकनीकी चर्चाओं की हुई भूरि-भूरि प्रशंसा
उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने आयोजन समिति की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए इस सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान का एक बेहद प्रभावी मंच बताया। वहीं, डीन (शैक्षणिक) प्रो. एम. के. सिन्हा ने कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए शोध पत्रों और तकनीकी चर्चाओं की उच्च गुणवत्ता की जमकर तारीफ की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से सतत इंजीनियरिंग के उभरते क्षेत्रों में अपना निरंतर योगदान देने का आग्रह किया। रजिस्ट्रार प्रो. एस. के. सारंगी ने भी इतने बड़े आयोजन के सुचारू समन्वय और सफल क्रियान्वयन के लिए पूरी टीम को बधाई दी।
नवाचार और ज्ञान प्रसार का सशक्त माध्यम
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. परमानंद कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए सम्मेलन की सफलता पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शोधकर्ताओं और छात्रों के बीच नवाचार, सहयोग और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच अत्यंत आवश्यक हैं। इस सम्मेलन में देश भर से संकाय सदस्यों, प्रतिनिधियों और छात्रों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से सक्रिय रूप से भाग लिया।
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InnovEST-2026 की इस अपार सफलता के पीछे आयोजन सचिवों— डॉ. आर. के. गौड़ा, डॉ. ए. के. पटेल, डॉ. एस. के. झा, डॉ. ए. के. रे, डॉ. एस. के. एस. सुधांशु और डॉ. अभिषेक शर्मा की समर्पित मेहनत और कुशल रणनीति रही। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ताओं और सत्र अध्यक्षों के बहुमूल्य योगदान को भी सराहा गया। यह सम्मेलन इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के माध्यम से एक सुरक्षित और सतत भविष्य के निर्माण के सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ।



