
आदित्यपुर: संपूर्ण आदित्यपुर-1 के लगभग 30 हजार घरों में जलापूर्ति का सपना जल्द साकार हो सके, इसके लिए जन कल्याण मोर्चा लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सापड़ा स्थित 60 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का भौतिक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।


निरीक्षण करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी, आदित्यपुर नगर निगम (वार्ड नं. 17) की पार्षद श्रीमती नीतू शर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
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395 करोड़ की योजना में देरी और हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL)
ज्ञात हो कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में 395.12 करोड़ रुपये की लागत वाली इस बृहद जलापूर्ति योजना में अप्रत्याशित विलंब हो रहा है। इसके खिलाफ जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने झारखंड उच्च न्यायालय (रांची) में जनहित याचिका (WP PIL 3629/2023) दायर की है, जो अभी विचाराधीन है। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद ही वन विभाग से सापड़ा (60 MLD) और सीतारामपुर (30 MLD) प्लांट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिल सका और काम शुरू हुआ।
डेडलाइन फेल: डीसी ने दी है कड़ी चेतावनी
13 जून 2026 को जन कल्याण मोर्चा और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ ने एक दिवसीय महाधरना दिया था। उस वक्त सरायकेला के उपायुक्त (DC) श्री नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर अधिकारियों (जुडको और जिंदल) ने 15 जुलाई 2026 तक सीतारामपुर प्लांट चालू करने का लिखित आश्वासन दिया था।
हालांकि, यह प्लांट अब तक चालू नहीं हो सका है। इसके बाद उपायुक्त ने एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए सीतारामपुर प्लांट (30 MLD) को हर हाल में 31 जुलाई 2026 तक और सापड़ा प्लांट (60 MLD) को दिसंबर 2026 तक जनता को समर्पित करने का सख्त निर्देश दिया है।
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निरीक्षण में क्या मिली जमीनी हकीकत?
सापड़ा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि:
वर्तमान में वहां लगभग 50 मजदूर काम कर रहे हैं।
दो क्लैरीफ्लोक्यूलेटर (Clariflocculator) और पंप हाउस (Pump House) का निर्माण पूरा हो चुका है।
फिल्टर हाउस का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है।
मुख्य बाधा (वन विभाग की जमीन): प्लांट को चालू करने के लिए 11,000 वोल्ट की बिजली लाइन और खंभे बिछाने हैं। यह तार जिस 8.45 हेक्टेयर जमीन से गुजरना है, वह वन विभाग की है। हालांकि, जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सरायकेला डीसी और आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार भी अपने स्तर से इसे जल्द सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं।
26 जुलाई को होगी अहम बैठक
सापड़ा प्लांट की जमीनी हकीकत जानने के बाद अब 26 जुलाई 2026 को जन कल्याण मोर्चा और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ की एक संयुक्त बैठक होने जा रही है। इस बैठक में निरीक्षण की रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी और आंदोलन या कानूनी प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।



