
चाईबासा/आदित्यपुर। विहंगम योग युवा संत समाज की ओर से स्वर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए चाईबासा परिसदन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दिल्ली से पहुंचे इंटक फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथन जयसवाल को विश्व के अद्वितीय आध्यात्मिक सद्ग्रंथ स्वर्वेद भेंट किया गया। स्वर्वेद के संदेश और इसकी शिक्षाओं से परिचित होने के बाद स्वामीनाथन जयसवाल ने ग्रंथ में गहरी रुचि दिखाई और वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम के दर्शन करने की इच्छा व्यक्त की।
कार्यक्रम में विहंगम योग के सक्रिय कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं आध्यात्मिक जागरण के लिए कार्य कर रहे नीरज मिश्रा ने स्वामीनाथन जयसवाल को विहंगम योग की शिक्षाओं, सद्गुरु की महिमा तथा स्वर्वेद के मानव कल्याणकारी संदेश से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि स्वर्वेद में आध्यात्मिक चेतना, आत्मज्ञान और मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देने से जुड़े विचारों को प्रमुखता दी गई है।
नीरज मिश्रा पिछले कई वर्षों से विहंगम योग, आध्यात्मिक जागरण और स्वर्वेद के प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों तक स्वर्वेद के संदेश को पहुंचाने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके सामाजिक एवं आध्यात्मिक प्रयासों की सराहना की।
स्वर्वेद प्राप्त करने के बाद स्वामीनाथन जयसवाल ने ग्रंथ का अवलोकन किया और इसकी शिक्षाओं को विस्तार से समझने में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिक जागरण और सद्ग्रंथों का प्रचार समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि सद्गुरु के मार्गदर्शन से मनुष्य अज्ञान से ज्ञान की ओर बढ़ सकता है। आध्यात्मिक चेतना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में भी सहायक हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान स्वर्वेद महामंदिर धाम, उमराहा, वाराणसी के संबंध में भी जानकारी दी गई। स्वामीनाथन जयसवाल ने स्वर्वेद महामंदिर धाम के दर्शन की इच्छा जताई।
कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विहंगम योग युवा संत समाज की ओर से स्वर्वेद के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।

