आदित्यपुर।
CSIR-National Metallurgical Laboratory (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में सोमवार को आरएंडडी लैब–इंडस्ट्री सिनर्जी पर एक महत्वपूर्ण परिचयात्मक सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र सीएसआईआर-एनएमएल, Adityapur Small Scale Industries Association (एशिया) तथा लघु उद्योग भारती के संयुक्त सहयोग से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और एशिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इंडस्ट्रियल ग्रोथ में आरएंडडी की भूमिका
निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने संस्थान की गतिविधियों, चल रही शोध पहलों और वैज्ञानिक एवं तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से औद्योगिक विकास को सहयोग देने की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि एनएमएल उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए अत्याधुनिक शोध और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
संस्थान के विभिन्न डिवीज़न प्रमुखों—डॉ. एस. शिवप्रसाद, डॉ. संजय कुमार, डॉ. रघुवीर सिंह और डॉ. एस. के. पाल—ने भी उद्योगों की विशिष्ट चुनौतियों पर मार्गदर्शन दिया।
प्रमुख शोध क्षेत्रों की जानकारी
सत्र के दौरान एनएमएल की प्रमुख विशेषज्ञताओं पर प्रकाश डाला गया, जिनमें मैग्नीशियम उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक और औद्योगिक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण, एलॉय डेवलपमेंट, मटेरियल कैरेक्टराइजेशन, फेलियर एनालिसिस, कोरोजन एवं कोटिंग डेवलपमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट शामिल हैं।
इन क्षमताओं के माध्यम से छोटे एवं मध्यम उद्योगों की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
उद्योग प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
एशिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने संगठन के सदस्यों का परिचय कराते हुए आदित्यपुर एवं जमशेदपुर क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों की प्रकृति और संभावनाओं की जानकारी दी।
लगभग 22 उद्योग प्रतिनिधियों ने सत्र में भाग लिया और अपनी इकाइयों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया। उन्होंने तकनीकी सहयोग एवं संयुक्त समाधान की दिशा में एनएमएल के साथ विचार-विमर्श किया।
भविष्य में सहयोग की सहमति
चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने संभावित सहयोग क्षेत्रों की पहचान की। एनएमएल ने आदित्यपुर के उद्योगों के तकनीकी विकास में हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई, वहीं एशिया और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने उद्योग-शोध संबंधों को मजबूत करने के लिए निरंतर साझेदारी की इच्छा व्यक्त की।यह पहल क्षेत्र में इंडस्ट्री–रिसर्च लिंकेज को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




