
आदित्यपुर (Adityapur) निवासी हिमांशु सिंह की दुखद हत्या के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस गंभीर घटना पर आदित्यपुर अधिवक्ता संघ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। घटना के विरोध में कल यानी 3 जुलाई 2026 को आदित्यपुर में बंद बुलाए जाने की सूचनाओं के बीच अधिवक्ता संघ ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है।

अधिवक्ता संघ ने बंद समर्थकों से किया विशेष अनुरोध
आदित्यपुर अधिवक्ता संघ के मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश और अध्यक्ष डी. एन. ओझा ने संयुक्त रूप से बंद समर्थकों से एक खास अपील की है। संघ ने कहा है कि हिमांशु सिंह की हत्या बेहद निंदनीय है, लेकिन 3 जुलाई के प्रस्तावित बंद के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि न्यायिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। उन्होंने बंद समर्थकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अधिवक्ता या कोर्ट कर्मचारी को न्यायालय आने-जाने के दौरान न रोकें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न होने दें।
न्यायिक कार्य बाधित होने से आम लोगों को होगा नुकसान
संघ के पदाधिकारियों ने अपनी अपील में स्पष्ट रूप से बताया है कि अधिवक्ताओं और कोर्ट कर्मियों के समय पर न्यायालय नहीं पहुंचने से कोर्ट का महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह से बाधित हो सकता है। न्यायिक प्रक्रिया रुकने या उसमें विलंब होने का सीधा और नकारात्मक असर उन आम क्लाइंट्स पर पड़ेगा, जो न्याय की आस में कोर्ट आते हैं। इसलिए, विरोध प्रदर्शन के दौरान न्यायिक कार्यों को प्रभावित होने से बचाना सभी की जिम्मेदारी है।
शांतिपूर्ण तरीके से विरोध की उम्मीद
अधिवक्ता संघ की इस अपील के बाद उम्मीद की जा रही है कि कल प्रस्तावित बंद के दौरान समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे और आवश्यक सेवाओं सहित न्यायालयीन कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे। स्थानीय प्रशासन भी कल की स्थिति को लेकर अलर्ट मोड पर है।


