
आदित्यपुर: दुर्गा पूजा से पहले आदित्यपुर नगर निगम ने पूजा समितियों को बड़ी राहत दी है। नगर निगम ने दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास सफाई, सफाई संसाधन और सफाई कर्मियों की सेवाओं के बदले शुल्क वसूलने से संबंधित अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया है। अब दुर्गा पूजा पंडालों से किसी भी प्रकार का सफाई सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नगर आयुक्त के पत्रांक 3821, दिनांक 5 अक्टूबर 2026 के माध्यम से कार्यालय आदेश पत्रांक 3704, दिनांक 19 सितंबर 2026 को निरस्त कर दिया गया है।
क्या था पुराना आदेश?
19 सितंबर को जारी आदेश में दुर्गा पूजा समितियों को पंडालों में सफाई सेवा लेने के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित शुल्क का भुगतान करने को कहा गया था। इसके तहत सफाई मित्र के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 515 रुपये प्रतिदिन, जेसीबी के लिए तेल सहित 950 रुपये प्रति घंटा और ट्रैक्टर के लिए तेल सहित 700 रुपये प्रति ट्रिप की दर निर्धारित की गई थी।
पूजा समितियों को सफाई सेवा के लिए एक सप्ताह पहले आवेदन करने और निर्धारित शुल्क जमा करने का भी निर्देश दिया गया था।
आदेश सामने आने के बाद पूजा समितियों और शहर के विभिन्न वर्गों में इसका विरोध शुरू हो गया था। अब नगर निगम ने इस आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया है।
संजय सरदार बोले- पंडालों से नहीं लिया जाएगा कोई सेवा शुल्क
आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में महापौर संजय सरदार और उप महापौर अंकुर सिंह ने स्थिति स्पष्ट की।
महापौर संजय सरदार ने कहा कि नगर आयुक्त स्तर से जारी आदेश को लेकर जनता और दुर्गा पूजा समितियों में नाराजगी थी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय में उनकी सहमति या मंतव्य नहीं लिया गया था। यदि संबंधित संचिका पहले उनके पास आती तो वह इसे लागू नहीं होने देते।
उन्होंने कहा कि आदित्यपुर नगर निगम बनने से पहले से ही पूजा पंडालों और वार्डों में निशुल्क सफाई की परंपरा रही है। निगम के पास उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से पहले की तरह पूजा पंडालों के आसपास निशुल्क सफाई कराई जाएगी।
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जनभावनाओं के सम्मान में वापस हुआ आदेश: अंकुर सिंह
उप महापौर अंकुर सिंह ने कहा कि आदेश के खिलाफ व्यापक विरोध के बाद नगर आयुक्त से बातचीत की गई। इसके बाद जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आदेश को पूरी तरह वापस ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त की मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। निगम में संसाधनों की कमी के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यह विचार सामने आया था।
अंकुर सिंह ने राज्य सरकार पर भी निगम को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निगम लंबे समय से संसाधनों की कमी से जूझ रहा है और इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया है। उन्होंने सरकार और सत्ता पक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों से निगम को संसाधन उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की।
पूजा समितियों ने फैसले का किया स्वागत
जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओमप्रकाश ने विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए जिला प्रशासन, महापौर, उप महापौर, नगर आयुक्त, पार्षदों, पूर्व पार्षदों, दुर्गा पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों के प्रति आभार जताया।
वहीं, श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, मार्ग संख्या 7/8, आदित्यपुर-2 के लाइसेंसी सतीश शर्मा ने भी निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सफाई शुल्क वापस लेने से पूजा समितियों और श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी तथा दुर्गा पूजा आयोजन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से प्रशासन और पूजा समितियों के बीच सहयोग एवं समन्वय और मजबूत होगा।

