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आज का पंचांग
दिनांक – 10 अगस्त 2026
दिन – सोमवार
विक्रम संवत् – 2083
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – वर्षा
मास – श्रावण
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वादशी सुबह 08:00, तत्पश्चात् त्रयोदशी 11 अगस्त प्रातः 04:54, तत्पश्चात् चतुर्दशी
नक्षत्र - आर्द्रा दोपहर 12:26 तक तत्पश्चात् पुनर्वसु
राहुकाल – सुबह 06:58 से सुबह 08:36
पंचक – नहीं है
भद्रा – नहीं है
सूर्योदय – 05:29
सूर्यास्त – 06:26
दिशा शूल – पूर्व दिशा में
दोष परिहार – शीशा देखकर यात्रा करें
आज का विशेष
श्रावण सोमवार पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
जानें संपूर्ण पूजन विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम
श्रावण मास के सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माने जाते हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं विधि-विधान से पूजन करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रावण सोमवार को श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की पूजा, ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप, शिव स्तोत्र, शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
मान्यता है कि श्रावण सोमवार का व्रत स्त्री-पुरुष, युवा, वृद्ध एवं बच्चे अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार कर सकते हैं। व्रत के दौरान सात्त्विक आहार, संयम और भगवान शिव के स्मरण का विशेष महत्व माना गया है।
श्रावण सोमवार का महत्व
श्रावण सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है। भक्त शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प और फल आदि अर्पित करते हैं। रात्रि में भगवान शिव का स्मरण करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप, शिव चालीसा, शिव पुराण एवं शिव स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना गया है।
श्रावण मास में त्रयोदशी और चतुर्दशी के संधिकाल में भगवान शिव को जल अर्पित करने की भी विशेष धार्मिक मान्यता है।
पूजा से पहले करें ये तैयारी
श्रावण सोमवार के दिन प्रातः सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। संभव हो तो कुश के आसन का प्रयोग करें।
सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और फिर भगवान शिव की पूजा का संकल्प लें।
पूजा सामग्री
शिवलिंग अथवा भगवान शिव की प्रतिमा
गंगाजल एवं स्वच्छ जल
पंचामृत
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर
सफेद चंदन
अक्षत
बिल्वपत्र एवं बिल्वफल
धतूरा एवं आक के पुष्प
दूर्वा
पुष्प एवं पुष्पमाला
धूप एवं अगरबत्ती
दीपक एवं घी
फल एवं मिष्ठान
पान एवं सुपारी
जनेऊ
कलश
शंख एवं घंटी
आरती की सामग्री
दक्षिणा
संपूर्ण शिव पूजन विधि
1. आचमन एवं शुद्धिकरण
पूजा शुरू करने से पहले आचमन करें—
ॐ केशवाय नमः।
ॐ नारायणाय नमः।
ॐ माधवाय नमः।
इसके बाद बोलें—
ॐ गोविन्दाय नमः।
पूजा सामग्री और स्वयं के शुद्धिकरण के लिए जल का छिड़काव करते हुए पढ़ें—
ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।
यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥
2. गणेश पूजन
भगवान गणेश का ध्यान करते हुए बोलें—
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
इसके बाद भगवान गणेश को पुष्प एवं अक्षत अर्पित करें।
3. संकल्प
दाहिने हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर अपने नाम, गोत्र, स्थान आदि का उच्चारण करते हुए भगवान शिव की पूजा एवं व्रत का संकल्प लें।
संकल्प के बाद जल किसी पात्र में छोड़ दें।
4. कलश, दीपक, शंख और घंटी पूजन
कलश में जल भरकर उसमें चंदन और पुष्प डालें। भगवान वरुण का स्मरण करें—
अपां पतये वरुणाय नमः।
दीपक का पूजन करते हुए बोलें—
दीपस्त्वं देवरूपश्च कर्मसाक्षी जयप्रदः।
साज्यश्च वर्तिसंयुक्तं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥
शंख एवं घंटी का भी चंदन और पुष्प से पूजन करें।
5. भगवान शिव का ध्यान एवं आवाहन
भगवान शिव का ध्यान करते हुए श्रद्धापूर्वक उनका आवाहन करे
आगच्छ देवेश तेजोराशे जगत्पते।
पूजां मया कृतां देव गृहाण सुरसत्तम॥
इसके बाद भगवान शिव को आसन, पाद्य एवं अर्घ्य अर्पित करें।
6. पंचामृत स्नान एवं जलाभिषेक
भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का प्रयोग किया जाता है।
पयो दधि घृतं चैव शर्करा मधुसंयुतम्।
पञ्चामृतं मयानितं गृहाण परमेश्वर॥
इसके बाद गंगाजल अथवा स्वच्छ जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
अभिषेक करते समय बोलें—
ॐ नमः शिवाय।
या श्रद्धानुसार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
7. भगवान शिव को वस्त्र, जनेऊ एवं चंदन अर्पित करें
पूजन क्रम में भगवान शिव को वस्त्र एवं जनेऊ अर्पित करने की भावना करें। इसके बाद चंदन लगाएं।
चंदन अर्पित करते समय—
मलयाचलसंभूतं देवदारुसमन्वितम्।
विलेपनं सुरश्रेष्ठ चन्दनं प्रतिगृह्यताम्॥
8. अक्षत, पुष्प और बिल्वपत्र अर्पित करें
अक्षत अर्पित करते हुए बोलें—
अक्षताश्च सुरश्रेष्ठ कुङ्कुमाक्ताः सुशोभिताः।
मया निवेदिता भक्त्या गृहाण परमेश्वर॥
इसके बाद पुष्प अर्पित करें—
नानासुगन्धि पुष्पाणि ऋतुकालोद्भवानि च।
मयानितानि प्रीत्यर्थं गृहाण परमेश्वर॥
बिल्वपत्र का विशेष महत्व
भगवान शिव को बिल्वपत्र अर्पित करते समय बोलें—
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्।
त्रिजन्मपापसंहारमेकबिल्वं शिवार्पणम्॥
बिल्वपत्र साफ और अखंड होना चाहिए। परंपरा के अनुसार बिल्वपत्र का चिकना भाग शिवलिंग पर रखने की मान्यता है।
9. धतूरा, आक एवं अन्य पूजन सामग्री
भगवान शिव को धतूरा, आक के पुष्प एवं अन्य उपलब्ध पूजन सामग्री श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप अर्पित करें।
धूप मंत्र—
वनस्पतिरसोत्पन्नो गन्धाढ्यो गन्ध उत्तमः।
देवप्रीतिकरो नित्यं धूपोऽयं प्रतिगृह्यताम्॥
दीप मंत्र—
त्वं ज्योतिः सर्वदेवानां तेजसां तेज उत्तमम्।
आत्मज्योतिः परं धाम दीपोऽयं प्रतिगृह्यताम्॥
10. नैवेद्य एवं दक्षिणा
भगवान शिव को फल, मिष्ठान एवं अन्य सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें—
नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिर्मे ह्यचला कुरु।
इप्सितं च वरं देहि परां च परमां गतिम्॥
इसके बाद पान, सुपारी एवं मुखवास अर्पित करें। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा अर्पित करें।
11. शिव आरती
पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती करें। आरती के बाद पुष्प अर्पित करें और उपस्थित श्रद्धालुओं को आरती दें।
आरती के समय—
सर्वमङ्गलमाङ्गल्यं देवानां प्रीतिदायकम्।
नीराजनमहं कुर्वे प्रसीद परमेश्वर॥
इसके बाद भगवान शिव से अपनी मनोकामना एवं परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
12. पुष्पांजलि एवं प्रदक्षिणा
पुष्पांजलि अर्पित करते हुए बोलें—
पुष्पांजलिं प्रदास्यामि मन्त्राक्षरसमन्विताम्।
तेन त्वं देवदेवेश प्रसीद परमेश्वर॥
प्रदक्षिणा के दौरान बोलें—
यानि कानि च पापानि जन्मान्तरकृतानि च।
तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे पदे॥
शिवलिंग की परिक्रमा का नियम
कई धार्मिक परंपराओं में शिवलिंग की पूर्ण परिक्रमा नहीं करने की मान्यता है। जहाँ से अभिषेक का जल बाहर निकलता है, वहां तक जाकर वापस लौटने की परंपरा बताई जाती है।
13. मंत्र जाप एवं स्तोत्र पाठ
पूजा के बाद श्रद्धानुसार इनका पाठ करें—
ॐ नमः शिवाय
महामृत्युंजय मंत्र
शिव चालीसा
शिव सहस्रनाम
शिव स्तोत्र
शिव पुराण का पाठ या श्रवण
सबसे सरल रूप में श्रद्धालु ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए भगवान शिव का ध्यान कर सकते हैं।
श्रावण सोमवार पर इन बातों का रखें ध्यान
स्नान के बाद ही पूजा करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
पूजा स्थल को साफ एवं पवित्र रखें।
भगवान शिव को अखंड और स्वच्छ बिल्वपत्र अर्पित करें।
पूजा में श्रद्धा और सात्त्विक भाव रखें।
व्रत रखने वाले व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार या उपवास करें।
भगवान शिव को अर्पित प्रसाद का अनादर न करें।
धार्मिक परंपरा के अनुसार शिवलिंग की पूर्ण परिक्रमा न करें।
पूजा के दौरान मन, वचन और कर्म से संयम रखने का प्रयास करें।
स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर कठोर उपवास करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार आहार लें।
अंत में करें प्रार्थना
हे भगवान भोलेनाथ! हमारी पूजा में जो भी त्रुटि हुई हो, उसे क्षमा करें। हमारे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्बुद्धि प्रदान करें।
ॐ नमः शिवाय। हर हर महादेव।
आज का राशिफल
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपको आकस्मिक लाभ देकर जाएगा दिन के पूर्वार्ध में घर एवं कार्य क्षेत्र में तालमेल बैठाने में परेशानी होगी इससे होने वाले लाभ में कुछ कसर भी रह सकती है। नौकरी वाले लोग अधिकांश कार्य बाद के लिए टालेंगे इससे प्रतिष्ठा में कमी आएगी। आर्थिक मामलों को मध्यान पूर्व ही निपटाने के प्रयास करें इसके बाद कार्य तो चलते रहेंगे लेकिन संतोष कम ही होगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों की कमी खलेगी फिर भी विलम्ब नही होने देंगे। घरेलू वातावरण मध्यान तक ठीक रहेगा इसके बाद किसी गलतफहमी अथवा मांग पूरी ना होने पर अशांति हो सकती है। संध्या के आसपास सेहत में नरमी आएगी किसी भी कार्य मे उत्साह नही रहेगा।
वृष (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिए सामान्य फलदायक रहेगा दिन के पहले हिस्से में बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाएंगे परिश्रम करने में भी कमी नहीं रखेंगे लेकिन परिस्थितियां आज साथ कम ही देंगी। कार्य क्षेत्र पर आपकी स्वयं की किसी गलती से नुकसान हो सकता है। अपनी ही गलती से शत्रुओं को बढ़ाएंगे। धन लाभ की कामना किसी सहयोगी अथवा परिचित के माध्यम से पूर्ण अवश्य हो जाएगी लेकिन कुछ कमी भी रहेगी। आज व्यवसाय कुटुंब एवं सामाजिक कार्य एक साथ आने से असहजता होगी। परिवार की किसी महिला की मदद मिलने से राहत मिलेगी लेकिन ताने सुनने के बाद। कुछ समय के लिए आप स्वयं को बंधा हुआ जैसा अनुभव करेंगे। सेहत स्वयं के ही कारण खराब होगी असमय भोजन करने से पेट संबंधित व्याधियां पनपेगी। कमर में दर्द भी हो सकता है।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपके स्वभाव में चंचलता अधिक रहेगी। आप जहां भी जाएंगे वहां का वातावरण विनोदी स्वभाव से हल्का बनाएंगे परन्तु ध्यान रहे मर्यादा पार करने से आज किसी से झगड़ा अथवा संबंध विच्छेद भी हो सकता है। कार्य व्यवसाय आज कम रुचि लेने से भगवान भरोसे ही चलेगा फिर भी आकस्मिक लाभ के समाचार रोमांचित करेंगे। पुराने लिए निर्णय से हानि भी अकस्मात ही होगी फिर भी आज के दिन व्यय की अपेक्षा धन की आमद ज्यादा ही रहेगी। बाहर घूमने यात्रा पर्यटन खाने पीने में ज्यादा रुचि लेंगे इन पर खर्च भी आवश्यकता से अधिक करेंगे। महिलाये जिद्दी स्वभाव रहने से स्वयं के साथ अन्य लोगो को भी परेशानी में डालेंगी।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन से आप कुछ विशेष उम्मीद नही लगाएंगे फिर भी आज कुछ ऐसा होगा जिसकी आपने कल्पना ही नही की। आर्थिक दृष्टिकोण से भी दिन आशा से अधिक लाभदायक रहेगा लेकिन व्यवसायी वर्ग उधार के व्यवहार से बचने का विशेष ध्यान रखें । आज उधार दिया धन निश्चित ही फंसेगा इसके विपरीत किसी से लिये उधार चुकाना आज शुभ रहेगा। नौकरी पेशा जातक अधिकारियों से बात मनवाने के लिए कुछ गलत तरीके अपनाएगे जिस वजह से वाद विवाद की संभावना है। धन को लेकर आज आप अधिक लालची बनेंगे। पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी कटौती करेंगे जिससे महिला अथवा संतानो की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आप को सार्वजनिक क्षेत्र से लाभ के साथ सम्मान की प्राप्ति कराएगा। स्वभाव में जल्दबाजी भी रहेगी। जो भी कार्य करें बुद्धि विवेक के साथ ही करें तो होने वाले लाभ के प्रतिशत में अवश्य वृद्धि होगी। घर अथवा कार्य क्षेत्र पर किसी के ऊपर अनैतिक दबाव डालने से बचें विशेषकर कार्य क्षेत्र पर किसी सहकर्मी को डांटना स्वयं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सहकर्मी अथवा अधीनस्थ अवश्य ही कुछ ना कुछ गड़बड़ करेंगे फिर भी आज शांत रहकर सही समय की प्रतीक्षा करें। धन की आमद आवश्यकता अनुसार हो जाएगी लेकिन व्यर्थ के कार्यों मैं वृद्धि होने से अनैतिक खर्च भी बढ़ेंगे। घर में आप के अनुसार वातावरण ना मिलने पर क्रोध आ सकता है। इच्छा पूर्ति ना होने पर मानसिक तनाव आएगा।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपके लिए कार्य सफलता वाला रहेगा दिन के पहले भाग में जो भी योजना बनाएंगे मध्यांतर थोड़ी दौड़ को उसके बाद उसे पूरा करके ही दम लेंगे स्वभाव में थोड़ी तेजी भी रहे जिससे स्वजनों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं कार्यक्षेत्र पर आकस्मिक लाभ के योग बन रहे हैं। धन की आमद कि जितनी संभावना रहेगी वह अंत समय में किसी न किसी कारण से या तो टलेगी अथवा सोच से कम होगी। दूर रहने वाले जानकार से शुभ समाचार मिलने की संभावना है। आपकी प्रसन्नता ज्यादा देर तक स्थाई नहीं रह पाएगी स्वयं अथवा किसी जानने वाले को शारीरिक कष्ट होने से मानसिक पीड़ा होगी आज यात्रा सोच समझकर ही करें वाहन चलाते समय अधिक सावधानी बरतें दुर्घटना में गंभीर चोट लग सकती है घरेलू कार्य अस्त व्यस्त रहेंगे।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप मानसिक रूप से शांत रहेंगे लेकिन धन संबंधित कामनाये अधिक रहेंगी। मध्यान तक कार्य क्षेत्र पर परिश्रम की अधिकता रहेगी इसके बाद मेहनत का फल धन लाभ के रूप में मिलने लगेगा यह क्रम संध्या बाद तक रुक रुक कर चलता रहेगा। संध्या के समय कहीं से अचनाक लाभदायक समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। आज आप लंबी यात्रा की योजना बनाएंगे इसमे विघ्न भी आ सकते है। सहकर्मी कुछ अनैतिक माग कर सकते है इससे थोड़ी देर के लिए दुविधा होगी। मध्यान बाद का समय अधिकांश कार्यो में सफलता दायक रहेगा लेकिन सतर्क रहें हित शत्रु कोई गड़बड़ कर सकते है। पारिवारिक वातावरण स्थिर रहेगा।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आप को शांति से बिताने की सलाह है। निरंतर मिल रही असफलताओं से क्षुब्ध होकर जल्दबाजी में कोई गलत फैसला ले सकते हैं। जिसकी भरपाई आने वाले समय में स्वयं के साथ परिजनों को भी करनी पड़ेगी। कार्यक्षेत्र पर असहयोगी वातावरण मिलेगा जिस किसी से भी सहायता की उम्मीद रखेंगे वही टालमटोल करेगा। अंत में स्वयं के बलबूते ही कार्य करना पड़ेगा। व्यवसाई वर्गों को कम समय में अधिक लाभ कमाने के प्रलोभन दिए जाएंगे लेकिन इनसे बचें अन्यथा हानि ही निश्चित है। नौकरी पेशा जातक वश्य अपनी चतुराई से प्रतिकूल परिस्थिति को भी अपने अनुकूल बना लेंगे। घरेलू वातावरण में गर्मागर्मी जिद बहस लगी रहेगी इस कारण घर की तुलना में बाहर समय बिताना अधिक पसंद करेंगे। संध्या बाद स्थिति में बदलाव आने लगेगा धैर्य से समय बिताएं जोखिम वाले कार्यों से दूर रहे शारीरिक कष्ट के साथ सम्मान हानि की भी संभावना है।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी आपके लिए आनंददायक रहेगा आज आप स्वतंत्र विचार रहने के कारण किसी के दबाव में नहीं आएंगे। कोई भी कार्य चाहे वह गलत हो या सही बिना सोचे समझे करेंगे। परिजन अथवा अन्य किसी स्नेही जन के टोकने विरोध पर उतारू हो जाएंगे। कार्य क्षेत्र पर आलस्य प्रमाद फैलाएंगे। अपना कार्य अन्य सहकर्मियों से करवाना आगे भारी पड़ सकता है इसका ध्यान रखें। धन की आमद किसी भी मार्ग से होकर ही रहेगी नैतिक हो या अनैतिक इसका आपके ऊपर प्रभाव नहीं पड़ेगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा इन में निष्ठा रहेगी लेकिन केवल व्यवहार मात्र के लिए ही समय देंगे। घर में कोई बुजुर्ग अक्समात बीमार पड़ने से अतिरिक्त भागदौड़ करनी पड़ेगी। आवश्यक कार्य को आज के दिन पूरा करें कल पर छोड़ना हानि कराएगा।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज धन की प्राप्ति जितनी सुगम रहेगी खर्च भी उतनीं ही जल्दी हो जाएगा। मितव्ययता बरतने पर भी खर्चो पर नियंत्रण नही रहेगा आकस्मिक खर्च आर्थिक उलझन बनाएंगे। व्यवसाय में विस्तार की योजना बनाएंगे परन्तु आज निवेश ना करें धन फंसने की संभावना अधिक है। नौकरी वाले जातक कार्यो की अधिकता से परेशान रहेंगे। आर्थिक लाभ दिन भर होता रहेगा अगर खर्च पर नियंत्रण रख सके तो यह धन आने वाले समय मे अतिउपयोगी सिद्ध होगा। घर के बुजुर्ग अथवा अधिकारी वर्ग से उचित मार्ग दर्शन मिलेगा फिर भी स्वभाव में जल्दबाजी के कारण इसका लाभ कम ही उठा पाएंगे। महिलाये आज अधिक उपयोगी सिद्ध होंगी।
कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगा स्वभाव की मनमानी आज प्रत्येक क्षेत्र में आपको कुछ ना कुछ कमी रखेगी। कार्यक्षेत्र पर जब मन करेगा तब कार्य करेंगे अन्यथा खाली बैठना ही पसंद करेंगे। सहकर्मियों से आज विशेष सावधानी बरतें अंदर ही अंदर आपके खिलाफ कोई योजना बनाएंगे जिसका निकट भविष्य में प्रतिकूल फल मिलेगा। प्राइवेट नौकरी करने वाले जातक स्वयं की अन्य लोगों से तुलना करने पर भाग्यहीन जैसा अनुभव करेंगे। घर के सदस्यों के प्रति ईमानदार रहें अन्यथा आने वाले समय में इनसे किसी भी प्रकार के सहयोग की आशा न रखें। धन संबंधित कामनाएं आज बहुत मुश्किल से ही पूरी होंगी। छोटी बड़ी यात्रा की योजना बनेगी जिसके अंत समय में टलने की संभावना है। सेहत छोटी-मोटी व्याधियों को छोड़ सामान्य ही रहेगी।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपकी वाणी का तीखा पन व्यर्थ के झड़े मोल लेगा। मन भी काम की बातों को छोड़ इधर-उधर ज्यादा भटकेगा। आज के दिन प्रत्येक कार्यो में सावधान रहने की आवश्यकता है। धन के पीछे भागने की प्रवृति पर आज लगाम लगाकर रखे अन्यथा धन के साथ-साथ मान हानि भी होगी। दोपहर से पहले के भाग में पुराने कार्य पूर्ण होने से थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। इसके बाद का समय प्रतिकूल बनता जाएगा। कार्य व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी हर प्रकार से आपके कार्यो में व्यवधान डालने का प्रयास करेंगे। परिजनों से भी मामूली बात पर झगड़ा होगा। वाणी एवं व्यवहार से संयम बरतें। सेहत में गिरावट आने से दवाओं का सहारा लेना पड़ेगा।
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