
अऱुण कुमार
सरायकेला।
ईचागढ प्रखंड के काँची नहर सिंचाई परियोजना के लवाडीह से मैसङा केनाल दुलमीडीह के पास तीन महिना पहले टूट गया था । बुन्डू डीविजन को ग्रामीणों द्वारा सुचना भी दीया गया है मगर बिभाग मौन है । समाजसेवी व झाविमो के प्रखंड अध्यक्ष राजेन सिंह मुंडा ने बताया की तुता, दुलमीडीह एवं डूमटाँढ के किसानों का बैठक कर खेत में लगे धानों को बचाने के लिए रविवार को उक्त टूटे केनाल में करीब 15 फीट लम्बा व 10 फीट गहरी टूटे केनाल को मीट्टी ढै कर भरा गया । तीनों गाँवों के किसान मिलकर उकँत केनाल का मरम्मति किया गया अब गाँवों के खेतों में सिंचाइ किया जा सकेगा । श्रमदान में संत, समाजसेवी व ग्रामीण मीट्टी ढो ढो कर केनाल के गढ्ढे को भरा गया । मौके पर राजेन सिंह मुंडा, बुधु सिंह मुंडा, सुदर्शन महंत, मीष्टीधर महतो सहित सैकङो ग्रामीण उपस्थित थे ।


सरकार व बिभाग केनाल टूटे हूए तीन माह हो गया पर किसानों के हीत में कोई कदम नही उठाया गया । जो दुर्भाग्य है । सरकार सीफ पेपर ,टीवि मे ही सीमटकर रह गया है । राजेन सिंह मुंडा
किसानों का खेत में लगे धान सिंचाइ के अभाव में मर रहा है । देखने वाला कोई नही । न नेता न बिभाग । सुदर्शन महंत , तुता
सरकार अरबों रूपये का बिकास योजनाओं का घोसना कर रही है मगर किसानों के हीत में एक टूटा केनाल का मरम्मती नही करा सकती । हम किसान थक हार कर खुद केनाल का मरम्ती करने को मजबुर है । बुधु सिंह मुंडा , डूमटाँढ

