
गम्हरिया।


किसानों के विकास में कृषि विज्ञान केन्द्र का प्रयास अव्वल है। उच्च तकनीकि एवं कल्याणकारी योजनाओंसे से देश में कृषि का विकास हो रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी काफी बदलाव आया है। गम्हरिया स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला के उदघाटन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के शोध निदेशक डाॅ0 डीएन सिंह ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि दलहन के क्षेत्र में राज्य आत्म निर्भर है, जबकि तेलहन के क्षेत्र में हम अभी भी पीछे हैं। 70 हजार करोड़ के दलहन का आयात करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का केन्द्र सरकार के संकल्प को पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षा प्रसार निदेशक डाॅ0 जगन्नाथ उरांव, जिला कृषि पदाधिकारी सह आत्मा के निदेशक रामचन्द्र, नाबार्ड के डीडीएम सिद्धार्थ, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख सह वरीय वैज्ञानिक डाॅ0 अरविन्द मिश्रा आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक किरण सिंह ने किया। इस मौके पर जिले के किसानों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अतिथियों द्वारा अवलोकन किया तथा प्रदर्शन में अव्वल तीन किसानों समेत अन्य किसानों को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर डाॅ0 एमके वर्णवाल, डाॅ0 उदय प्रसाद, डाॅ0 शंभू शरण कुमार, डाॅ0 पंकज सेठ, डाॅ0 कंचन माला, डाॅ0 एसएस मुंडा, एस पूर्ति, रंजन सिंह, देवाशीष दास, विश्वजीत समेत कई अधिकेारी उपस्थित थे।

