
रांची 23जुलाई ।
आनंद मार्ग प्रचारक संघ के दिल्ली सेक्टर के सेमिनार का समीक्षा समाधान कार्यक्रम रातू रोड हेहल स्थित मधु मंजूषा गुरु निवास में 22 जुलाई दिन शनिवार को गुरु सकाश एवं पाञ्चजन्य आनंदमूर्ति जी द्वारा रचित प्रभात संगीत एवं अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र बाबा नाम केवलम का गायन पर उपस्थित साधकों ने वातावरण को मधुमेह बना दिया। केंद्रीय धर्म प्रचार सचिव आचार्य संपूर्णानंद अवधूत ने कहां की रेगुलर तत्व सभा के माध्यम से आनंद मार्ग दर्शन को जन जन तक ना होगा । ज्ञान ,कर्म और भक्ति का पथ श्रेष्ठकर है भक्ति लक्ष्य है पथ नहीं , भक्ति मिल गई तो सब कुछ मिल गया।
पुरोधा प्रमुख व प्रेसिडेंटआचार्य विश्वदेवानंद अवधूत ने नौ रीजन कोलकाता ,.रांची, इलाहाबाद , चंडीगढ़, जयपुर, मुंबई, बेंगलुरु, काठमांडू , ढाका एवं कोलंबो रीजनल सचिव एवं सेक्टोरियल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अवसाद रोग पूरे विश्व में तेजी से फैल रहा है। भारतवर्ष की आबादी का लगभग 5% लोग लगभग छह करोड़ अवसाद रोग से ग्रस्त हैं। विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार विश्व में 35 करोड़ से अधिक लोग अवसाद ग्रस्त हैं। उन्होंने अवसाद कारण की चर्चा करते हुए कहा कि जड वस्तु के प्रति अत्याधिक आकर्षण , स्वार्थी जीवन और त्रुटिपूर्ण आर्थिक व्यवस्था ही मुख्य कारण है। त्रुटि पूर्ण अर्थव्यवस्था के कारण जन मानस अपनी न्यूनतम आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण वह अवसादग्रस्त हो रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को कहा कि नैतिक नियमों का अहिंसा सत्य अस्तेय अपरिग्रह ब्रह्मचर्य शौच संतोष तप स्वाध्याय एवं ईश्वर प्रणिधान का अधिक से अधिक प्रचार करें और योगासन , प्राणायाम और ईश्वर प्रणिधान की कला सिखा कर लोगों को अवसाद मुक्त


