
सड़क से न्यूनतम दो फ़ीट दूरी पर ही रखें सामान और वाहन : विशेष अधिकारी
जमशेदपुर। बारीडीह, साकची, कदमा, सोनारी, भालूबासा, बिरसानगर जैसे कई इलाकों में आये दिन स्थिति देखने को मिलती है कि दुकानदार ही नहीं बल्कि आम नागरिक भी अपना सामान, वाहन आदि सड़क से सटाकर या कई बार तो सड़क पर ही रख देते हैं जिससे आवागमन बाधित होता है। इसके लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने जन सहभागिता से एक सामाजिक-प्रशासनिक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। लोगों से इस बात की अपील जा रही है कि वे सड़क से एक “उचित दूरी” पर ही किसी प्रकार की निर्माण सामग्री, विक्रय योग्य वस्तुएं, वाहन आदि रखें। यह “उचित दूरी” सबसे सघन और व्यस्ततम इलाकों (जैसे बारीडीह बाजार ) के लिए कम से कम दो फ़ीट होगी। ऐसे अलग अलग इलाकों के लिए वहां के स्थानीय नागरिकों के सुझाव पर यह उचित दूरी तय करते हुए पीली रेखा अंकित कर दी जाएगी। उक्त रेखा से बाहर अवरुद्ध पैदा करने वाले उल्लंघन कर्ताओं से जुर्माना भी वसूला जायेगा । मिशन “पीली रेखा ” या मिशन “दो फ़ीट ” अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर शहर को व्यवस्थित बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किया जायेगा।
सड़क पर सामान रखने वालों को दी जा रही नसीहत, जब्त होंगे सामान, लगेगा जुर्माना
दो दिन से जेएनएसी की टीमें शहर के व्यस्त इलाकों में जान बूझकर सड़क पर सामान रखकर मार्ग अवरुद्ध करने वालों को नसीहत दे रही है कि वे अपने इस व्यवहार में बदलाव लाते हुए सड़क से दूर ही सामान रखे अन्यथा न केवल उनका सामान जब्त कर लिया जायेगा बल्कि सीआरपीसी की धारा 133 के तहत कार्रवाई और जुर्माना भी वसूला जायेगा। साकची के एक लॉज के द्वारा अपने दरवाजे की सड़क पर लाइन से पत्थर रखकर आम रास्ता अवरुद्ध करते हुए पाया गया जिस पर विशेष पदाधिकारी ने मुकदमा दर्ज करवाने का निदेश दिया। दुकान के सामने सड़क पर साइन बोर्ड, कटआउट आदि न रखने तथा विक्री योग्य वस्तुओं को प्रदर्शन हेतु सड़क से सटाकर नहीं रखने हेतु आम लोगों से आग्रह किया जा रहा है। नाला, नाली आदि को कवर कर चबूतरा, दीवार या अन्य संरचनाये बनाकर अतिक्रमित करने वालों पर भी कार्रवाई तय है ।
अगर हर नागरिक “पीली रेखा” का सम्मान करे तो शहर की सूरत ही बदल जाएगी
विशेष पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि यह शहर आपका है इसे व्यवस्थित रखना हम सब की जिम्मेदारी है। हमारे छोटे छोटे सकारात्मक व्यक्तिगत प्रयास पूरे शहर पर बड़ा प्रभाव डालते है। यदि हर दुकानदार यह ठान ले कि वह जनहित को देखते हुए सड़क से न्यूनतम दो फ़ीट की दूरी पर ही सामान लगाएगा तो इसका सामूहिक परिणाम इतना सुखद होगा कि शहर की सूरत ही बदल जायेगी।

