
AA(लेखनी)


जमशेदपुर।
एक तरफ मालिकाना और लीज की बात और दूसरी तरफ बिरसानगर के वही एक हिस्से(आस्था स्पेस टाऊन के पास) में बुल्डोजर चला और वो भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चिन्हित जमीन बताकर तीस सालों से बसे लोगों को उजाड़ने की कोशिश शुरू कर दी गई।आज सैकडों बैंकुठनगरवासी डाॅ अजय कुभार के नेतृत्व में पहुंचे ।पर डीसी ने न जाने क्या समझाया कि डाॅ अजय नीचे आकर डाऊन हो गए और बस्तीवासियों को नियम कानून बताने लगे।जब पूरा बिरसानगर ऐसे ही बसा है और उसी के मालिकाना की राजनीति कर लोग बढे हैं तो बैंकुठनगर पर इतनी बेदर्दी क्यों। बस्ती की एक महिला ने अपनी पीडा मीडिया को बताते हुए पूछा कि ये कैसी व्यवस्था है जहां एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबको आवास देने की बात कही जाती है दूसरी तरफ बसे बसाए लोगों को एक पल में उजाड दिया जाता है।हालांकि इस मामले पर उपायुक्त अमित कुमार का दावा है कि बस्ती का एक भी घर नहीं तोडा गया है या किसी को भी बेघर नहीं किया गया है बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चिन्हित खाली लैंड को पिछले एक साल से अतिक्रमित कर कुछ भू माफिया द्वारा बनाई गई दीवारों को तोडा गया है।उपायुक्त ने कहा कि बस्तीवासियों को डरने की जरूरत नहीं लेकिन उपायुक्त कार्यालय पहुंचे कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें घर खाली करने का नोटिस मिला है।
सवाल ये है कि अगर बस गई बस्ती प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चिन्हित है तो पूरा बिरसानगर क्या था, टाटा लीज क्षेत्र था ना तो कैसे बसने दिया गया और क्यों उस पर मालिकाना और लीज की बात आगे बढी है।एक बडे हिस्से पर कुछ अलग कानून और उसी के एक छोटे हिस्से पर अलग कानून?ये कैसी अंधेरगर्दी है।वैसे जिला प्रशासन का कहना है कि बस्ती नहीं बस्ती से सटे खाली जमीन को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2017में चिन्हित किया गया था और उस पर किए गए अतिक्रमण पर ही बुलडोजर चला है।फिर सवाल है कि बस्ती में रहनेवाले लोक क्यों भयाक्रांत हैं और उनमें से कई घर खाली करने की नोटिस मिलने का दावा कर रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो सरकार की लीज बंदोबस्ती को बिरसानगरवासियों द्वारा नकार देने का संबंध बैंकुठनगर पर बुल्डोजर चलाने की एक मुख्य वजह है। चंद लोगों ने ही लीज से संबंधित पेपर लिए हैं और पूरी आबादी अब भी मालिकाना की आस में है जिसका वायदा कर रघुवर दास कई बार विधायक और अब सीएम की कुर्सी पर हैं।सूत्रों पर भरोसा करें तो बैंकुठनगरवासियों पर बुल्डोजर का भय दिखाकर सरकार लीज बंदोबस्त की प्रक्रिया में लोगों को जबरन ढकेल कर अपनी योजना के हिट होने की वाहवाही लूटकर अगले चुनाव में उसका फायदा लेना चाहती है।सीएम रघुवर दास को डर है कि जिस मालिकाना का सपना दिखाकर वे बुलंदी पर पहुंचे उस सपने का टूट जाना कहीं उनको अर्श से फर्श पर न ले आए।

