
“स्वच्छता मतदान” में विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर लिया भाग
जमशेदपुर।
मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति की तरफ से प्रायोजित ” स्वच्छता मतदान ” अभियान की औपचारिक शुरुआत आज से की गयी। आज पहले दिन के मतदान में राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी मध्य विद्यालय के 165 छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इस स्वच्छता मतदान का उद्देश्य इस बात का प्रतिनिधि-सर्वेक्षण करना है कि नगर निकाय के अंतर्गत आने वाले कितने प्रतिशत परिवारों में शौचालय है और कितनों में नहीं है, साथ ही कितने ऐसे परिवार हैं जिनमे शौचालय बनने के उपरांत उसका उपयोग हो रहा है या नहीं हो रहा है। इसके लिए बाकायदा चार विकल्पों वाला मतपत्र ( बैलेट पेपर ) मुद्रित कराकर छात्रों से मत हासिल किया गया। संजय कुमार ने बताया कि यद्यपि इस विद्यालय में 300 से अधिक विद्यार्थी हैं किन्तु कुछ अनुपस्थित थे और कुछ आयु और समझदारी में ज्यादा छोटे थे इसलिए 165 बच्चों को मतदान में सहभागिता का मौका दिया गया । इनमे से 158 छात्रों ने विकल्प (एक) पर वोट दिया यानि उनके घरों में शौचालय है और परिवार के सभी सदस्य उसको उपयोग में भी लाते हैं। 7 बच्चों ने विकल्प चार को चुना अर्थात उनके घर में शौचालय ही नहीं है। विकल्प 2 (यानि शौचालय है पर कुछ सदस्य बाहर जाते है ) तथा विकल्प 3 (शौचालय होने के बावजूद घर का कोई सदस्य उसको उपयोग में नहीं लाता) को किसी ने नहीं चुना। विकल्प 4 को चुनने वाले बच्चों के बारे में सिटी मैनेजर ने विशेष पदाधिकारी को बताया कि इन बच्चो के परिवार एक विशेष मोहल्ले में किरायेदार के रूप में रहते हैं इसलिए उनके यहाँ शौचालय नहीं हैं। इस पर संजय कुमार ने निर्देश दिया कि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उस मोहल्ले में सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाएं ताकि कहीं से भी खुले में शौच की शिकायत न मिले। बताया गया कि मानगो के दो दर्जन से अधिक विद्यालयों में इस प्रकार के मतदान का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने सभी शिक्षक शिक्षिकाओं से भी कहा कि जिनके घरों में शौचालय न हो वे अविलम्ब बनवा लें अन्यथा जिला प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा।
मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति की तरफ से प्रायोजित ” स्वच्छता मतदान ” अभियान की औपचारिक शुरुआत आज से की गयी। आज पहले दिन के मतदान में राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी मध्य विद्यालय के 165 छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इस स्वच्छता मतदान का उद्देश्य इस बात का प्रतिनिधि-सर्वेक्षण करना है कि नगर निकाय के अंतर्गत आने वाले कितने प्रतिशत परिवारों में शौचालय है और कितनों में नहीं है, साथ ही कितने ऐसे परिवार हैं जिनमे शौचालय बनने के उपरांत उसका उपयोग हो रहा है या नहीं हो रहा है। इसके लिए बाकायदा चार विकल्पों वाला मतपत्र ( बैलेट पेपर ) मुद्रित कराकर छात्रों से मत हासिल किया गया। संजय कुमार ने बताया कि यद्यपि इस विद्यालय में 300 से अधिक विद्यार्थी हैं किन्तु कुछ अनुपस्थित थे और कुछ आयु और समझदारी में ज्यादा छोटे थे इसलिए 165 बच्चों को मतदान में सहभागिता का मौका दिया गया । इनमे से 158 छात्रों ने विकल्प (एक) पर वोट दिया यानि उनके घरों में शौचालय है और परिवार के सभी सदस्य उसको उपयोग में भी लाते हैं। 7 बच्चों ने विकल्प चार को चुना अर्थात उनके घर में शौचालय ही नहीं है। विकल्प 2 (यानि शौचालय है पर कुछ सदस्य बाहर जाते है ) तथा विकल्प 3 (शौचालय होने के बावजूद घर का कोई सदस्य उसको उपयोग में नहीं लाता) को किसी ने नहीं चुना। विकल्प 4 को चुनने वाले बच्चों के बारे में सिटी मैनेजर ने विशेष पदाधिकारी को बताया कि इन बच्चो के परिवार एक विशेष मोहल्ले में किरायेदार के रूप में रहते हैं इसलिए उनके यहाँ शौचालय नहीं हैं। इस पर संजय कुमार ने निर्देश दिया कि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उस मोहल्ले में सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाएं ताकि कहीं से भी खुले में शौच की शिकायत न मिले। बताया गया कि मानगो के दो दर्जन से अधिक विद्यालयों में इस प्रकार के मतदान का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने सभी शिक्षक शिक्षिकाओं से भी कहा कि जिनके घरों में शौचालय न हो वे अविलम्ब बनवा लें अन्यथा जिला प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा।

