
चाईबासा(नोआमुंडी)।


ओर माइंस ऐंड क्वैरीज (ओएमक्यू) डिवीजन, टाटा स्टील ने नोआमुंडी हॉस्पीटल में 10 किलोलीटर प्रति दिन (केएलडी) क्षमता वाला एक एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) स्थापित किया है। श्री राजीव सिंघल, वीपी, रॉ मैटेरियल्स, टाटा स्टील ने आज श्री पंकज सतीजा, जीएम, ओएमक्यू डिवीजन, श्री पी के धल, चीफ, इंजीनियरिंग सर्विसेज ऐंड प्रोजेक्ट्स, ओएमक्यू डिवीजन, डॉ. धीरेंद्र कुमार, चीफ मेडिकल ऑफिसर, नोआमुंडी हॉस्पीटल, टाटा स्टील और कंपनी के अन्य वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में इस ईटीपी का उद्घाटन किया। नोआमुंडी हॉस्पीटल में रोजाना 5 से 10 केएलडी अपशिष्ट जल उत्पन्न होता है। हॉस्पीटल में स्थापित 10 केएलडी ईटीपी हॉस्पीटल के आपरेशन थिएटर, पैथोलॉजिकल लैब और किचन आदि से निकले अपशिष्ट जल को ट्रीट करेगा। उपचारित अपशिष्ट जल का बागवानी के लिए पुनः उपयोग किया जाएगा। यह ईटीपी ट्यूब सेटर और सैंड मीडिया फिल्टर के साथ एमबीबीआर (मूविंग बेड बायो रिएक्टर) टेक्नोलॉजी में काम करेगा।
टाटा स्टील नोआमुंडी हॉस्पीटल को हाल ही में “झारखंड में सर्वश्रेष्ठ मरीज-केंद्रित हॉस्पीटल“ की श्रेणी में प्राइम टाइम ग्लोबल हेल्थकेयर एक्सलेंस अवार्ड-2016 प्रदान किया गया था। नोआमुंडी हॉस्पीटल 1925 से नोआमुंडी और आसपास के खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है। हाल में हॉस्पीटल में कलर डॉप्लर के साथ उन्नत अल्ट्रासाउंड मशीन लगायी गयी है। इसके अलावा, हॉस्पीटल ने बायोमेडिकल कचरे का निपटान करने के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया है। हॉस्पीटल प्लास्टिक श्रेडर, आटोक्लेव मशीन, एक 5 केजी इंसीनेरेटर, दफनाने के लिए स्टैंडर्ड पिट के साथ निर्धारित क्षेत्र और जैव-चिकित्सा कचरे से निपटने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की एक समर्पित टीम से लैस है।
ओएमक्यू डिवीजन अपने इकोलॉजिकल फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में अपशिष्टां के रिकवरी, रियूज और रिसाइकलिंग के साथ संसाधन और ऊर्जा दक्षता के लिए परिचालनात्मक उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। पर्यावरण की रक्षा के लिए टाटा स्टील की प्रतिबद्धता के बारे में बात करते हुए श्री सिंघल ने कहा : “हम एक जिम्मेदार खानिक के रूप में नियमित रूप से अपने पर्यावरणीय प्रदर्शन की मॉनिटरिंग और रिव्यू कर इसे सार्वजनिक करते हैं। हम अपने पर्यावरणीय प्रदर्शन में लगातार सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हम उन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकें जहां हम काम करते हैं। “
नोआमुंडी में पहले से ही क्रमशः 10 केएलडी और 50 केएलडी क्षमता वाले दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) हैं। यहां एक 50 केएलडी का अन्य एसटीपी और 10 केएलडी का एक ईटीपी स्थापित करने की योजना है। आने वाले महीनों में जोडा हॉस्पीटल में भी ईटीपी स्थापित किया जायेगा।

