
बेंगलुरू । सुनील छेत्री को अगर अलग कर दिया जाए तो जेजे लालपेखलुवा को छोड़कर कोई भी भारतीय फारवर्ड हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौैथे सीजन में अपनी फ्रेंचाइजी के लिए ‘वैल्यू फॉर मनी’ साबित नहीं हो सका है।


दूसरी बार लीग के फाइनल में पहुंच चुकी चेन्नयन एफसी के स्ट्राइकर जेजे ने चौथे सीजन में कुल नौ गोल किए हैं लेकिन आलोचनाएं भी भी उनका पीछा नहीं छोड़ रही हैं।
शनिवार को चेन्नई को चौथे सीजन के फाइनल में श्रीकांतिरावा स्टेडियम में मेजबान बेंगलुरू एफसी से भिड़ना है और इस मैच में जेजे मेहमान टीम के लिए तुरूप का इक्का साबित हो सकते हैं। प्रशंसकों के बीच जेजे काफी लोकप्रिय हैं। गोवा के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल के दूसरे चरण मे दो गोल दागकर जेजे ने अपने फार्म में वापसी का ऐलान भी कर दिया है।
जेजे के लिए हालांकि हमेशा से यह स्थिति नहीं रही है। आईएसएल इतिहास में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद वह बार-बार आलोचना का शिकार हुए हैं।
जेजे ने तीन मैचों में बिना कोई गोल किए चेन्नई के लिए चौथे सीजन का आगाज किया था। उनके फार्म को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद हालांकि जेजे ने एटीके के खिलाफ दो गोल करते हुए अपनी टीम को 3-2 से जीत दिलाई।
आलोचकों को शांत करने के बाद जेजे ने अगले आठ मैचों में पांच गोल किए लेकिन इसके बाद वह अचानक खराब फार्म का शिकार हो गए। मिजोरम के इस करिश्माई खिलाड़ी ने अगले छह मैच बिना किसी गोल के गुजारे और फिर आलोचक उन पर हावी हो गए।
इसके बाद भी हालांकि कोच जॉन ग्रेगोरी का जेजे पर विश्वास बना रहा और वह इस विश्वास पर खरे उतरते हुए गोल करने में सफल हुए और गोवा के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल के दूसरे चरण मे अपने शानदार खेल की बदौलत उन्होंने चेन्नई को फाइनल में पहुंचाया।
गोवा के खिलाफ जेजे के दो गोलों के गद्गद ग्रेगोरी ने कहा, ‘‘मैंने जेजे से कहा था कि वह दो गोल कर सकते हैं। गोवा में आद्रता काफी थी। जेजे ने काफी मेहनत की। घर में उन्हे क्रैम्प भी हुआ लेकिन इसके बावजूद मेरा तथा साथियों का समर्थन उनके प्रति जारी रहा। हम जानते थे कि अगर उनका हौसला बना रहेगा तो वह कारनामा कर सकते हैं।’’
जेजे ने कहा, ‘‘मेरे कोच ग्रेगोरी ने मुझ पर भरोसा बनाए रखा। वह चाहते थे कि मैं इस भरोसे की कीमत अदा करूं। यह सीजन काफी लम्बा रहा है और हमने अपना लक्ष्य हासिल किया है। शनिवार को होने वाला फाइनल हमारे लिए बहुत बड़ा मैच है और हम इसके लिए तैयार हैं।’’

