सरायकेला(चांडिल )
नीमडीह प्रखण्ड लुपुंगडीह व तेतलों के सबर जाति के लोगों को जीने की गुड़ को सीखाने के लिए स्वयं सेवी संस्थन रिजनल स्टीड सेन्टर खुंटी ने उठाई । रिजनल स्टीड सेन्टर के सचिव कर्मु मार्डी ने वताया की लुपुंगडीह व तेतलों में कुल 35 परिवर रहते है । अविभाजित विहार के समय इस क्षेत्र के सवर जाति का विकास सरकार के द्वारा किया गया था । जिसमें 20 हजार के अवास 30 परिवार को दिया गया था । क्षेत्र के दबंग लोगों द्वारा दलमा के तराई्र में शराब की चुलाई किया जाता था । दैनिक मजदूरी के रूप में जबरन शराब दिया जाता था । जिससे स्वास्थ्य के साथ जीवन स्तर भी गिरता गया । इनके जमीन को दबग व्यक्तियों द्वारा हथिया लिया गया । जिसे लम्बे समय तक खेती और स्वरोजगार से दुर हट गया । श्री मार्डी ने बताया की अंचलाधिकारी नीमडीह एवं रिजनल स्टीड सेन्टर की पहल से सबर जाति के खतियानि जमीन का सीमांकन कर सवर को स्वरोजगार से जोड़ते हुये 15 एकड़ भूमि पर टमाटर एवं अन्य सब्जी की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है । महाबीर मुर्मू ने वताया की सही दिशा निर्देश सरकार की अनुदान मिलेतो 3 वर्षो में इनके जीवन स्तर के साथ रोजगार मे भी बढावा मिल सकता है ।



