जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के सख्त आदेशानुसार, बुधवार 29 अप्रैल 2026 को पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) ने घाटशिला अनुमंडल में एक महत्वपूर्ण जन शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया। इसके साथ ही उन्होंने अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न थानों का औचक निरीक्षण कर पुलिस पदाधिकारियों को आधुनिक और जन-केंद्रित पुलिसिंग को लेकर कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
जन शिकायत दरबार में सुने गए ग्रामीणों के मामले
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) घाटशिला के कैंप कार्यालय में आयोजित इस विशेष जन शिकायत दरबार में ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न थानों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। ग्रामीण एसपी ने शिविर में आए सभी आवेदकों की शिकायतों को एक-एक कर बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर ही कई मामलों का त्वरित निष्पादन किया और बाकी लंबित मामलों के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को जल्द से जल्द उचित और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
घाटशिला अनुमंडल के थानों का औचक निरीक्षण और कड़े निर्देश
जन शिकायत निवारण शिविर के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी थानों का सघन और औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुए निरीक्षण से पुलिस महकमे में सक्रियता और बढ़ गई। ग्रामीण एसपी ने सबसे पहले संबंधित थाना क्षेत्रों के भौगोलिक परिदृश्य और अपराध की प्रकृति का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने थाने में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों के बीच कार्य बंटवारे की समीक्षा की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी का सही और प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहा है।
लंबित वारंट, कुर्की और अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर
निरीक्षण के क्रम में थानों के सिरिस्ता (कार्यालय) अभिलेखों की भी विस्तार से जांच की गई। ग्रामीण एसपी ने थानों में लंबित पड़े वारंट, कुर्की-जब्ती आदेशों और कोर्ट के सम्मन के त्वरित निष्पादन का कड़ा निर्देश दिया। फरार चल रहे वारंटियों और अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। इसके अलावा, आरोप पत्रित (Charge-sheeted) अपराधिकर्मियों के भौतिक सत्यापन, लंबित चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) और पासपोर्ट सत्यापन (Passport Verification) के कार्यों में तेजी लाने का स्पष्ट आदेश दिया गया है।
CCTNS और आधुनिक पुलिसिंग की हुई गहन समीक्षा
डिजिटल और पारदर्शी पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निरीक्षण के दौरान सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रविष्टि और लंबित कांडों की वर्तमान स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। एसपी ग्रामीण ने ई-साक्ष्य (e-Evidence) के सुरक्षित रखरखाव और अनुसंधान में इसके वैज्ञानिक उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना होगा। यह पूरी कवायद ग्रामीण क्षेत्रों में एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।




