
एमजीएम की चिकित्सक डॉ मिसेज के कुजुर के खिलाफ मामला दर्ज, चिकित्सक व अस्पताल अधीक्षक फरार


जमशेदपुरः सोमवार को एमजीएम अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के बाद भारी हंगामा हुआ. साथ ही तोड़-फोड़ की घटनाएं भी हुईं. इस घटना से गुस्साये लोगों ने शव उठाने से इनकार कर दिया. उनकी मांग थी कि ऑपरेशन करनेवाली महिला चिकित्सक डॉ के कुजुर को गिरफ्तार किया जाये तथा उसका चिकित्सीय लाइसेंस रद्द किया जाये. इस संबंध में मृतिका के पति मो सोहेल ने सीतारामडेरा थाना में चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. इस घटना के बाद चिकित्सक फरार हो गयी है.साथ ही एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक भी फरार हो गये हैं.
मंगलवार को मृतिका के पति तथा उनके साथ कई लोग अस्पताल के अधीक्षक से मिलने गये, तो वे भी नहीं मिले, तो उपाधीक्षक डॉ एके सिंह से मुलाकात की तथा साफ शब्दों में कहा कि डॉ के कुजुर के खिलाफ कार्रवाई जब तक नहीं होगी, तब तक वे लोग शव नहीं उठायेंगे. हालांकि उपाधीक्षक ने समझाने का काफी प्रयास किया. साथ ही यह भी माना है कि एमजीएम के कुछ चिकित्सक लगातार लापरवाही कर अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, वे तो इस पूरी घटना की जानकारी अपने ऊपर के पदाधिकारियों को ही दे सकते हैं और क्या कर सकते हैं.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि मानगो गुलाब नगर निवासी मो सोहेल अपनी गर्भवती पत्नी अनीस खातिमा को लेकर एमजीएम अस्पताल गया था, लेकिन कुछ दलालों ने यहां बेहतर इलाज नहीं हो सकेगा, सो वह डॉ मिसेज के कुजुर के पास चला जाये, वहां बेहतर इलाज हो सकेगा. उक्त दलाल के झांसे में आ कर मो सोहेल अपनी पत्नी को लेकर डॉ कुजुर के पास लेकर गया, जहां जांच के लिए डॉक्टर ने तीन सौ रुपये फीस लिया. इसके बाद जब पत्नी की हालत खराब होने लगी, तो उक्त चिकित्सक ने कहा कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन करना पड़ेगा. इसके लिए दस हजार रुपये लगेंगे. लेकिन सोहेल ने कहा कि इतने रुपये उसके पास नहीं है, तो चिकित्सक ने नौ हजार रुपये मांगा. इतने रुपये भी नहीं थे सोहेल के पास. सोहेल ने चिकित्सक का पैर पकड़ लिया और कहा कि उसके पास महज छह हजार रुपये ही हैं. इससे अधिक वह नहीं दे सकता. चिकित्सक ने छह हजार रुपये ले लिये और कहा कि वह अपनी पत्नी को लेकर एमजीएम अस्पताल ले जाये, वहां उससे कोई पैसा नहीं लगेगा. उसने पत्नी को लेकर एमजीएम अस्पताल में भर्ती करा दिया. चिकित्सक ने कहा कि दो बोतल खून लगेगा. इसके बाद वह रक्त लाने चला गया. लेकिन रक्त का संग्रह करने में काफी वक्त लग गया. इस पर चिकित्सक ने उसे फटकार लगायी कि इतनी देर लगा दी, इसके बाद ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी की हालत खराब होने लगी. चिकित्सक ऑपरेशन करके चली गयी. इस बीच उसकी पत्नी की मौत हो गयी. साथ ही बच्चे की भी मौत हो गयी. इससे आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़-फोड़ की और जम कर हंगामा किया. घटना की नजाकत देखते हुए अस्पताल अधीक्षक भी वहां से खिसक लिये. बाद में मो सोहेल ने स्थानीय सीतारामडेरा थाना में मामला दर्ज करा दिया. दूसरे दिन भी शव नहीं उठाया जा सका है.

