
जमशेदपुर । कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद यह साफ हो गया कि राज्यपाल के द्वारा बिना बहुमत के येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना तथा उसके बाद आपा-धापी में शपथ दिलवाना देश की संविधान की मर्यादाओं के विरूद्ध था, जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देश भर में अपनी आवाज उठायी और उसका परिणाम यह हुआ कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को बहुमत साबित किए बिना हीं इस्तीफा देना पड़ा।


कर्नाटक में भाजपा के बहुमत साबित करने के पूर्व ही मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के इस्तीफा देने पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अजय कुमार ने कहा कि असत्य की हार हुई है तथा सच्ची लोकतंत्र की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए सबक है, जो देश के संवैधानिक संस्थाओं को अपने निजी स्वार्थ के लिए कमजोर करने में लगे हैं। जहाॅं तक बहुमत और अल्पमत की बात है, पूरा देश यह जानता था कि अल्पमत की भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि यह जीत संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास की जीत है, यह जीत धन बल पर जन बल की जीत है।

