
सरायकेला। अनुसूचित जाति जनजाति समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी-एसटी एक्ट को शिथिल करने के विरोध में 2 अप्रैल को आहूत भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान करते हुए बंदी की पूर्व संध्या पर कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च में विभिन्न संगठनों के लोग भारी संख्या में शामिल हुए। वे 2 अप्रैल के भारत बंद को सफल बनाने को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। यह कैंडल मार्च आदितयपुर फुटबॉल मैदान से निकलकर जयपरकाश उद्यान तक पहुंचा। इस बीच नुक्कड़ सभा भी हुई। वक्ताओ ने एससी-एसटी कानून पुनरबहाल करने की मांग की। इन संगठनों का कहना था कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी-एसटी एक्ट को शिथिल कर अनुसूचित जाति-जनजाति को कमजोर करने का प्रयास किया गया है । इस दौरान देशव्यापी बंदी को
सफल बनाने का आह्वान किया गया । साथ ही लोगों से बंद शांतिपूर्ण ढंग से कराने का अनुरोध किया गया । कैंडल मार्च में समाजसेवी खिरोद सरदार , रेवती सरदार, मुखी समाज के देवांग चंद्र मुखी, जवाहरलाल करुआ , दुसाध समिति के अध्यक्ष सरयू पासवान, महेश राम ,उमाशंकर राम, रविदास समाज के अध्यक्ष जोगिंदर राम ,यदुनंदन राम, कमलेश राम ,भरत राम , रजक समाज के सीताराम रजक ,योगेंद्र रजक ,सोनू रजक, पिंटू रजक, गगरीन रजक , श्याम लाल रजक, राजू रजक , वासुदेव रजक, कालिंदी समाज के देवेंद्र कालिंदी , आदिवासी भूमिज समाज के लालबाबू सरदार , नाइकी हेंब्रम , मुकेश हेंब्रम, संजय सरदार , संत गाडगे जागृति मंच के उपेंद्र रजक, भोला रजक , नीमत रजक के अलावा काफी संख्या में मंच के सदस्य उपस्थित थे । इस कार्यक्रम को शारदा देवी , सियाराम बैठा , लालबाबू सरदार ने संयोजित किया।



