
किशोर

मधुबनी।
जे एम डी पी एल महिला कालेज ‘मधुबनी के कांफ्रेंस हाँल मे किशोरावस्था मे बढ़ रही आत्महत्या की प्रवृति पर यू जी सी सम्पोसरड नेशनल सेमिनार का भव्य आयोजन हुआ ! जिसमे चीफ गेस्ट प्रो(डा.)एस.के.सिंह (Vice-chanceller)LMNU-dbg ” स्पेशल गेस्ट डा.विनय कंठ व डा. वाई एल दास ‘ प्राचार्य प्रो.सी. एल.दास’ विधायक समीर महासेठ ! डा. डी.पी.कर्ण ‘डा.अमर कुमार ‘ डा विनय के दास ‘डा आदित्य लाल दास ‘मिसेज अनुराधा चौधरी ‘ प्रो संतोष कुमार ‘ मी.राजीव कु प्रसाद ‘प्रो. पुनीत कुमार ‘ मिसेज अर्पणा राय _ मिसेज अल्पना शालिनी इत्यादि ने विचार रखे की किशोर- किशोरियों अब अन्य मे भी ताज़ा उदाहरण आई ए एस आफिसर मुकेश पाण्डेय क्यों आत्महत्या की प्रवृति होती है इससे बचने का उपाय क्या है । सभी अतिथि को मिथिला की परम्परा के अनुसार पाग _ चादर व गुलदस्ता से सम्मानित किया गया ! अपने हाथो अपना वध कर लेना ही आत्महत्या या आत्मघात है! कई कारण है जैसे -घरेलू कारण_यौन शोषण _नशीले पदार्थ का सेवन _शैक्षणिक कारण _रिश्ते टूटना इत्यादि! आंकड़े बताते है यह दिनोंदिन बढ़ रही है ! आत्महत्या अक्सर निराशा के चलते की जाती है ! जिसका सबसे प्रमुख कारण अवसाद है ! तनाव कभी-कभी इंसान को गलत क़दम उठाने पर मजबूर कर देता है! अखबार मे हमलोग अक्सर आत्महत्या की ख़बर पढ़ते है ये डिप्रेशन के ही शिकार होते है ! समाज के विकास हेतु प्रतिस्पर्धा आवश्यक है परंतु आजकल प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गयी है की माता – पिता अपने बच्चो को आलराउंडर बनने के लिये प्रेरित करते है इसमे बच्चो की कहानी अक्सर सफल कहानी के बजाय एक पीडित कहानी के रुप मे ख़त्म होती है! यह काफी चिन्तनीय विषय है! ज़रूरत है इस गम्भीर समस्या पर विराम लगे ! बिषेस्यगो का कहना है की इस समस्या के हल की दिशा मे बड़ा क़दम स्कूल- कालेज मे मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढाकर उठाया जा सकता है ।इस मौके पर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति-मधुबनी के जिलाध्यक्ष किशोर कुमार ने कहाँ है की मेरा मानना है की जितने भी समाजिक व मानवाधिकार वाले संस्थान है उनमे इस मसले पर काऊसीलिंग की व्यवस्था होनी चहिये !हर परिवार पर निगाह रख कर प्रसार की ज़रूरत है ! “Anything that makes physically’ intellectually and spiritually ‘ reject as poison” – vivekanand . इस मौके पर कालेज के स्टूडेंट द्वारा वेलकम सॉन्ग से सभी का स्वागत किया गया ! शहर के गणमान्य लोगो के अलावा कई कालेज के प्राचार्य व प्रो की उपस्थिति रही !सभी ने इस तरह के सेमिनार जागरूकता के लिये बराबर होने की बात कही।

