
5 महान तख्तो ऐतिहासिक गुरुद्वारों एवं सभी धार्मिक स्थलों पर दिए जाने प्रसाद के समानो पर gst लगाने पर बिफरा सिख समाज


जमशेदपुर।22 अप्रैल
अरुण जेटली केंद्रीय वित्त मंत्री भारत सरकार को सिक्खों के 5 महान तख्तो ऐतिहासिक गुरुद्वारों एवं सभी धार्मिक स्थलों में दिए जाने वाले प्रसाद भोग के लिए क्रय की जाने वाली चीनी घी आटा चावल मसालों पर लगे जीएसटी को खत्म करने के संबंध में ज्ञापन भेजा गया है । शनिवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार इंदरजीत सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला के अप्पर उपायुक्त सुनील कुमार को ज्ञापन सौंपा इसके साथ ही उनसे आग्रह किया कि वह अपने मंतव्य के साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली को यह ज्ञापन प्रेषित कर दें सिख समाज हृदय से उन का आभारी रहेगा प्रधान इंदरजीत सिंह के अनुसार सभी धर्मों हिंदू सिख मुस्लिम के उपासना गृह में चलने वाले लंगर एवं प्रसाद में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं को जीएसटी से मुक्त किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में कोल्हान प्रमंडल के सिक्खों की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को बताया गया है कि सिखों के महान तख्तो ऐतिहासिक गुरुद्वारों एवं धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर एवं प्रसाद की परंपरा है यह धार्मिक स्थल धर्म विशेष की आस्था एवं श्रद्धा के केंद्र हैं। इसके साथ ही बहुलतावादी देश भारत में अनेकता में एकता की भावना को मजबूत करते हैं। इन धर्मस्थलों का प्रबंध करने वाली संस्थाएं धर्म के साथ ही साहित्य शिक्षा चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनीय काम कर रही हैं। क्रय वस्तुओं पर जीएसटी लगने से संस्थाओं का बजट गड़बड़ा रहा है । जिससे चैरिटी पर होने वाला खर्च प्रभावित हो रहा है जीएसटी के कारण श्री दरबार साहिब अमृतसर पर सलाना 10 करोड रुपए का अधिभार लगा है जीएसटी के कारण देश की जनता की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और यह उन्हें अतीत के मुगलकाल की याद दिला रहा है। अतः उनसे आग्रह किया गया है कि धार्मिक स्थलों के लंगर एवं प्रसाद के लिए क्रय की जाने वाली वस्तुओं को जीएसटी से मुक्त कर दिया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में सरदार गुरुदयाल सिंह सरदार कश्मीरा सिंह सरदार हरविंदर सिंह मंटू सरदार कर्म सिंह सरदार दलबीर सिंह सरदार राजेंद्र सिंह सरदार अमरजीत सिंह हर शरण सिंह गुरदीप सिंह पप्पू सतनाम सिंह सिद्धु सरदार जसवीर सिंह सरदार दलबीर सिंह सरदार गुरदीप सिंह का के जैमल सिंह जसवंत सिंह भोमा त्रिलोचन सिंह गुरचरण सिंह बिरला कवि सर जसवीर सिंह एस एन गुलजार सरदार रविंद्र सिंह सरदार सुखविंदर सिंह सरदार कुलविंदर सिंह सरदार त्रिलोचन सिंह सरदार एच एस बेबी सरदार मोहन सिंह आदि शामिल थे।

