
जमशेदपुर।

स्वर्णरेखा नदी के तटबंध पर 17 किलोमीटर की लंबाई पर वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है। 2 जुलाई से 2 अगस्त तक माहव्यापी वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रम में व्यापक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए और विभिन्न स्कूल-कॉलेज, विभिन्न सामाजिक संगठन, औद्योगिक संगठन, चेंबर ऑफ कॉमर्स, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों को जोड़ने की मुहिम के तहत आज जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय और जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के आपसी समन्वय से कार्य को परिणामोन्मुखी बनाने की रणनीति तैयार की गई। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिला स्तरीय कार्यक्रम बड़ाबांकी मौजा स्थित नदी तटबंध पर पूर्वाह्न 11:00 बजे से आयोजित किया जाएगा।
प्रथम चरण में 9000 पौधे लगाए जाएंगे जिसमें मुख्य रुप से अर्जुन एवं अन्य वृक्ष शामिल हैं।जिले के वन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि माहव्यापी वृक्षारोपण के माध्यम से स्वर्णरेखा नदी की लंबाई पर एक लाख से अधिक वृक्ष लगाए जाने का लक्ष्य है और इस को एक व्यापक जन आंदोलन बनाने की तैयारी है। जमशेदपुर वन प्रमंडल के द्वारा लगभग 1,02,000 पौधे लगाने की योजना है। बड़ाबांकी मौजा से पूर्टोलिया, नुआबासा एवं चाकुलिया प्रखंड तक नदी तटबंध पर वृक्षारोपण किया जाएगा। 2 जुलाई को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करके लोगों का आव्हान किया जाएगा। विभिन्न विद्यालयों, सामाजिक संगठनों, पर्यावरणविद, जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर निरंतर प्रक्रिया के तहत वृक्षारोपण किया जाएगा.।
उपायुक्त ने कहा की सभी लोग अपने आसपास के अन्य लोगों को भी वृक्षारोपण के विषय में बताएं जिससे कि अधिक से अधिक संख्या में लोग अपने आसपास के क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए प्रेरित हो सके। उपायुक्त ने कहा कि अपने कार्य क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जाए. सामूहिक रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं एवं समाज द्वारा जो भी वृक्षारोपण के कार्यक्रम किए जा रहे हैं उसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाने का निर्देश उपायुक्त ने दिया जिससे कि बच्चों में यह भाव संस्कार के रूप में अंकुरित हो जाए कि पेड़ लगाना पर्यावरण के हित में है. *स्वर्णरेखा नदी को लेकर हर कोई चिंतित है और स्वर्णरेखा को निर्मल बनाने के लिए प्रयासरत है. नदी के तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए और नदी को अतिक्रमण और बसावट से सुरक्षित रखने के लिए भी वृक्षारोपण अत्यंत कारगर है. स्वर्णरेखा नदी को सुरक्षित रखने की मुहिम में अधिक से अधिक लोग 2 जुलाई को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बड़ाबांकी मौजा स्थित नदी तटबंध पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का हिस्सा बने. प्रत्येक पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भी उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके.*
उपायुक्त ने कहा कि मॉनसून में पौध बेहतर गुणवत्ता की मिलती हैं और उनकी उत्तरजीविता भी बेहतर होती इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए. तालाब के किनारों चारों ओर और खेत की मेड़ों पर पौधरोपण करें. कृषि विभाग, पथ निर्माण विभाग को भी सक्रिय रुप से अभियान में शामिल होने के लिए उपायुक्त ने निर्देश दिया. साथ ही अधिक से अधिक संख्या में लोग पौधे लगाएं और अभियान का हिस्सा बने. जनभागीदारी से सरकार की योजनाएं सफलीभूत होती हैं और उन को अमलीजामा पहनाने में सहूलियत होती है.* उपायुक्त ने कहा कि क्षेत्र को और अधिक हरा-भरा बनाया जा सके इसके लिए अपने कार्य क्षेत्र में प्रयास करें जिससे कि जिले के हरित क्षेत्र में अभिवृद्धि हो. उन्होंने कहा कि 30 दिनों की रणनीति तैयार करके सरकार की योजना को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारी सुनिश्चित करें. उपायुक्त ने कहा कि आम लोगों को भी इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि ऐसे पौधे लगाएं जो कि पर्यावरण और भूमि संरक्षण की दृष्टि से अनुकूल हो. यूकेलिप्टस के वृक्ष क्षेत्र के लिए उपयुक्त नहीं है.जिला वन अधिकारी ने मुख्यमंत्री जन वन योजना के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि जितनी भी रैयत हैं वह अपनी जमीन पर पेड़ लगा सकते हैं. मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत लागत का 50% भाग सरकार द्वारा सीधे आवेदक के खाते में हस्तांतरित किया जाएगा. रैयत खाली जमीन में बनरोपण के लिए वन विभाग के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं.* वर्तमान मानसून का मौसम वृक्षारोपण के लिए अत्यंत अनुकूल है इसलिए इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं.
उन्होंने जानकारी दी कि वन विभाग की जिले में 4 नर्सरी हैं जहां पर प्रति पौधे ₹5 की सरकारी दर पर उपलब्ध है.

