
जमशेदपुर।


मामूली गोप ( पति – प्रबीर कुमार गोप )गांव बांगा, पंचायत घिरोल। यह कहानी मामूली गोप की है। वो बताती है कि उसके परिवार में 6 सदस्य थे। मम्मी -पापा दो भाई एक बहन और एक खुद वो। पापा कुछ काम नहीं करते थे। खेती के लिए उनके पास जमीन नहीं थी। पैसे की कमी के कारण वो और उसका भाई बहन नहीं पढ़ सका। कम उम्र में ही उसकी शादी कर दी गई। पति भी अनपढ़ थे और मजदूरी करके उसका परिवार चलता था उसके परिवार में कुल 6 सदस्य हैं। एक बेटा एक बेटी सास और ससुर मजदूरी से उसका परिवार नहीं चल पाता था। फिर उसके पति को किसी ने महिला स्वयं सहायता समूह जीपीएस के बारे में बताया वो उससे जुड़ गई। पहले वो 10% पर पैसे उधार लेती थी। अब उसे 1.5 % पर पैसे उदार मिलने लगे। उस पैसे को लेकर उसने बकरी खरीदी और बकरी पालन शुरू की। बकरी पालन से उसकी आमदनी बढ़ गई। अब वो उन पैसे को अपने परिवार के खान पान और पालन-पोषण खर्च करने लगी। अब उसके खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं है। अब वो बच्चों की पढ़ाई भी करवा रही है ।उसके बच्चे पढ़ रहे हैं उसका एकमात्र सपना है कि उसका बेटा पढ़ लिखकर डॉक्टर बनकर गरीब का इलाज करें और उन लोगों का ख्याल रखें ।

