
जमशेदपुर।


भारतीय रिजर्व बैंक, पटना ने बैंक आॅपफ इंडिया, जमशेदपुर के साथ मिलकर सोमवार 26 अक्टूबर को एक्सएलआरआई, जमशेदपुर में ई-बात कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन ध्न-प्रेषणध् भुगतान प्रयोजनों आदि के लिए मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम-डेबिट कार्ड का प्रयोग कर ई-डेलिवरी, इंटरनेट एवं मोबाइल बैंकिंग जैसे वैकल्पिक डेलिवरी चैनलों के उपयोग को बढावा देने के लिए आम जनता के बीच जागरूकता पफैलाने के लिए किया गया। एमके वर्मा, क्षेत्राीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, बिहार एवं झारखण्ड ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और इसमें ब्रिज राज, उप महाप्रबंध्क भारतीय रिजर्व बैंक, शैलजा सिंह, सहायक महाप्रबंध्क, भारतीय रिजर्व बैंक, आलोक यादव, उप महाप्रबंध्क, बैंक आॅपफ इंडिया, संजय प्रकाश, क्षेत्राीय प्रमुख, भारतीय स्टेट बैंक, पंकज श्रीवास्तव, क्षेत्राीय प्रमुख, बैंक आॅपफ बडौदा, सुरेश सोंथालिया, अध्यक्ष, सिंहभूम चैम्बर आॅपफ काॅमर्स, चैम्बर के पदाध्किारी तथा बैंकों के वरिष्ठ पदाध्किारी तथा भारतीय रिजर्व बैंक और युको बैंक के अन्य अध्किारी शामिल हुए। लक्षित श्रोतागण में समाज के विभिन्न वर्ग से आए 120 प्रतिभागी शामिल थे, जिसमें एक्सएलआरआई, जमशेदपुर के प्रबंध्न शाखा के छात्रा, आस-पास के पेंशन धरक एवं स्थानीय व्यापार समुह के सदस्य शामिल थे। सभा को संबोध्ति करते हुए क्षेत्राीय निदेशक एमके वर्मा ने आरंभ में श्रोताओं को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के उद्देश्य की जानकारी दी और कहा कि देश के भुगतान और निपटान प्रणाली के पर्यवेक्षक और विनियामक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक लंबे अरसे से प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है। बैंक देश में सुरक्षित और समावेशी भुगतान प्रणाली विकसित करना चाहता है जो सुविधजनक, सुलभ और कम खर्चीला हो। पूर्वी क्षेत्रा में बैंकिंग के वैकल्पिक डिलिवरी चैनलों के संबंध में जागरूकता और सूचना का अभाव है जो कि देश के बाकी भागों की तुलना में कम है। देश के केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक की समाज के प्रति भी जिम्मेदारी है वह पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति प्रतिब( है। इसके लिए वह ऐसे समाज को बढावा देना चाहता है जहाँ नकदी का कम उपयोग होता है ताकि हम प्रकृति के असंतुलन के प्रभावों को कम कर सकें। भुगतान की प्रणाली को और अध्कि सुद्ढ करने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में 11 संस्थाओं को पेमेंट बैंक स्थापित करने संबंध्ी सै(ांतिक मंजूरी भी दी है। इन्हीं कुछ कारणों से वैकल्पिक डिलिवरी चैनल प्रचलित किये जा रहे हैं जो सुरक्षित है और समय की माँग है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी छात्रों ने रूचि दिखाई और चर्चा की जैसे कि, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, बैंकों में एनपीए की रोकधम के लिए किये जा रहे प्रयास, मुद्रास्पफीति, बैंकों के ब्याज दरें, नए बैंक लाईसेंस, विनिमय प्रणाली इत्यादि। अभिषेक कुमार, प्रबंध्क, भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रतिभागियों को पावर पाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से वैकल्पिक डिलिवरी चैनल उत्पादों के सारे पहलुओं और उनके लाभों की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि इंटरनेट बैंकिंग एवं मोबाइल बैंकिंग करते समय किन सुरक्षा सम्बंध्ी तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। प्रस्तुतिकरण कापफी चर्चात्मक रहा क्योंकि इसके साथ-साथ प्रश्नोत्तर सत्रा भी चलता रहा। व्यक्तिगत प्रश्नों के जवाब वरिष्ठ अध्किारियों के पैनल द्वारा दिए गए जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्राीय निदेशक के साथ-साथ स्थानीय बैंकों के वरिष्ठ अध्किारी भी शामिल थे।

