
जमशेदपुर । राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड की संस्कृति हमेें जीवन को एक सूत्र में बांधती है. लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये इस मैदान में मेले के आयोजन की शुरुआत हुई थी. आज जो भी लोग यहां नृत्य व गीत के साथ झूम रहे हैं, असल में यही जीवन की सहजता तथा सरलता है, जो बाजारों में नहीं बिकती. वे आज बिष्टुपुर गोपाल मैदान में झारखंडवासी एकता मंच की ओर से आयोजित भव्य टुसू मेले में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.
श्री मुंडा ने कहा कि झारखंडियों की जीवनशैली काफी सहज है तथा यहा के लोग समस्या नहीं, वरन समाधान चाहते हैं तथा सम्मान के साथ अपनी परंपरा के साथ जीवन जीना जानते हैं. अगर कोई हमें छलने की कोशिश भी करते हैं या प्रलोभन देते हैं, यह जानते हुए भी यहां के लोग उससे पीछा छुड़ाकर शांतिपूर्वक जीवन जीना जानते हैं. उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक विरासत व भाषा को संभालकर रखने की अपील की, ताकि झारखंड को बचाया जा सके. इसके पूर्व श्री मुंडा सहित अन्य अतिथियों ने वहां रखे शहीद बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, रघुनाथ महतो, निर्मल महतो, सुनील महतो तथा सुधीर महतो की तस्वीर के समक्ष दीप जलाकर अपनी श्रद्धांजलि दी तथा कार्यक्रम की शुरुआत की.
मेला में झारखंड सहित पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा के विभिन्न जिलों के टुसू प्रेमी आये हुए थे. मेला की भव्यता को मंच भी चार चांद लगा रही थी. इस मौके पर सासंद विद्युत वरण महतो, मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो, पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो, सुमन महतो, सविता महतो, भाजपा के वरिष्ठ नेता अमरप्रीत सिंह काले, विनोद सिंह, विकास सिंह, बास्को बेसरा, लड्डू मंगोतिया, सुनील महतो, रोड़ेया सोरेन, गणेश माहली आदि शामिल थे. कार्यक्रम का संचालन ईंचाग$ढ के विधायक साधुचरण महतो ने किया.


मेले के सफल आयोजन में इनका रहा योगदान
मेला को सफल बनाने में मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो के अलावा कमल महतो, विजय महतो, सपन महतो, विशाल महतो, अशोक सिंह, फणीभूषण महतो, जगदीश राव, नकुल महतो, सीनू राव, लक्की सरदार, सुखदेव महतो, बबलू महतो, सचिन महतो, उमानाथ झा आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
सुनील दा की माता को दिये 1 लाख रु.
मौके पर झारखंडवासी एकता मंच की ओर से श्री मुंडा सहित अन्य अतिथियों ने पूर्व सांसद स्व. सुनील महतो की माता श्रीमती खांदो देवी को एक लाख रुपये नगद दिये. ज्ञात हो कि गत तीन वर्षों से मंच की ओर से यह राशि उन्हें दी जा रही है. इसके पूर्व उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. मंच पर पहुंचते ही वहां मौजूद सभी अतिथियों ने बारी-बारी से उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया.
‘आज नहीं तो कल, मुंडा जरुर बनेंगे सीएमÓ
इस मौके पर विधायक साधुचरण महतो ने यह बोलकर काफी ताली बटोरी कि आज नहीं तो कल, अर्जुन मुंडा पुन: मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होंगे. साथ ही कहा कि वैसे तो यहां के लोग टुसू पर 5 दिनों की छुट्टी की मांग कर रहे हैं, लेकिन श्री मुंडा जब सीएम बनेंगे तो 5 दिन नहीं, तो कम से कम तीन दिन की छुट्टी की घोषणा जरुर करेंगे.
...तो टाटा को सहयोग नहीं करेंगे झारखंडी : सांसद
मौके पर सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि संस्कृति जिंदा नहीं रहेगी तो हमारी पहचान ही मिट जाएगी. इसलिये टुसू जैसे महान पर्व को बचाकर रखना हम सबका दायित्व है. उन्होंने कहा कि टुसू पर्व की महानता जानने के बावजूद छुट्टी की घोषणा नहीं कर सरकार इसकी अनदेखी कर रही है. साथ ही टाटा स्टील प्रबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें यहां व्यवसाय करना है तो वे झारखंड की भाषा, संस्कृति व परंपरा को जिंदा रखने में सहयोग करें, वर्ना यहां के लोग भी उन्हें सहयोग करना बंद कर देंगे. वे पश्चिम सिंहभूम के जिन गांवों से पिछले 100 वर्षों से लोहा निकालकर ला रहे हैं, अगर वहां के एक-एक गांव को भी गोद लिये होते तो वहां के बेरोजगार युवकों के हाथों में बंदूक नहीं, डॉक्टर, इंजीनियर की डिग्री होती. कंपनी ने अपने सीएसआर के तहत कोई काम नहीं किया.
हमारी संस्कृति व सभ्यता को मिटाना चाहता है टाटा स्टील : साधु
ईंचागढ़ के विधायक साधुचरण महतो ने टाटा स्टील प्रबंधन पर झारखंड की संस्कृति व सभ्यता को मिटाने का आरोप लगात हुए मंच से कहा कि यह ऐसी कंपनी है जो कहती कुछ है और करती कुछ और है. इसलिये उन्होंने टोंटोपोसी में ‘ग्रीन फील्ड प्रोजेक्टÓ को जमीं पर उतरने नहीं दिया. गोपाल मैदान में इतने भव्य टुसू मेला का आयोजन होता है, लेकिन यहां की बिजली तो दूर, एक बूंद पानी तक मुहैया नहीं कराती है. उन्होंने कंपनी पर एक साजिश के तहत मैदान को छोटा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चूंकि इस मैदान में टुसू मेला होता है, इसलिये इसके आकार को छोटा किया गया, कीनन या जेआरडी स्टेडियम को छोटा क्यों नहीं किया गया. श्री महतो ने कहा कि देश के अन्य राज्य अपनी भाषा के लिये जाने जाते हैं, लेकिन झारखंड की पहचान अपनी सभ्यता के लिये है. इसलिये यहां के लोग अपनी संस्कृति बचाकर रखें, बर्ना हम कुछ दिन बाद ‘गुलगुलियाÓ की श्रेणी में गिने जाएंगे.
इन्होंने भी किया संबोधन
टुसू मेला को पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो, पूर्व सांसद सुमन महतो, भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले, विकास सिंह, गणेश माहली आदि ने भी संबोधित किया. इस दौरान उड़ीसा (मयूरभंज) से आये दीपक कुमार एंड टीम ने झुमर व टुसू गीत गाकर कार्यक्रम को चार चांद लगा दिया.
गालूडीह की टुसू प्रतिमा व खूंटी का चौड़ल सर्वश्रेष्ठ
सभी को मिला नगद ईनाम
टुसू मेला में मुख्य रुप से टुसू, चौड़ल तथा बुढ़ी गाड़ी नाच प्रतियोगिता हुआ, जिसके विजेताओं को अतिथियों द्वारा नगद राशि ईनामस्वरुप प्रदान किया गया. इसमें गालूडीह (घाटशिला) की टुसू प्रतिमा व खूंटी का चौड़ल सर्वश्रेष्ठ रहा. इसी तरह भुरुडीह की टीम ने बेहतर नृत्य का प्रदर्शन कर पुरस्कार जीता. इसमें सांत्वना पुरस्कार के रुप में इसमें भाग लेने आये सभी को नगद राशि प्रदान की गई.
टुसू प्रतियोगिता : प्रथम-दिवाकर महतो-31 हजार (गालूडीह), द्वितीय-राजेश महतो-25 हजार (राजनगर), तृतीय-शहरी महतो-20 हजार (राजनगर), चौथा-प्रभाष महतो-15 हजार (राजनगर), पंचम-लालमोहन महतो-11 हजार (राजनगर), षष्टम-मनोज महतो-7 हजार (उड़ीसा) तथा सप्तम-सुकुधारा-5 हजार (बालीगुमा).
चौड़ल प्रतियोगिता : प्रथम-दुबराज पुरान-25 हजार (खूंटी), द्वितीय-निरंजन सिंह-20 हजार (नीमडीह), तृतीय-मां दुर्गा चौड़ल समिति-15 हजार (खूंटी) तथा चतुर्थ-झारखंड संस्कृति चौड़ल समिति-11 हजार (ईचागढ़).
बुढ़ी गाड़ी नाच प्रतियोगिता : प्रथम-उदय कुमार हेंब्रम-15 हजार (भुरुरडीह), द्वितीय-सुनाराम हांसदा-11 हजार (हेंसागोड़ा), तृतीय-भीम मुर्मू-7 हजार (घाटशिला) तथा चतुर्थ-लाटकुगोड़ा बीर बिरसा क्लब- 5 हजार.

