
जमशेदपुरः जमशेदपुर पुलिस प्रशासन ने अपने पर झेल कर शहर को बचा लिया. जी हां, यही सच है, जिस तरह से कुछ लोग शहर को आग में झोंकने में लगे हुए थे, अगर पुलिस जरा भी धैर्य खो देती तो, स्थिति विष्फोटक हो सकती थी. पुलिस ने उत्पातियों, बंद समर्थकों का गुस्सा, आक्रोश व वार अपने ऊपर झेल लिया. इस क्रम में सिटी एसपी चंदन कुमार झा, सिटी डीएसपी अनिमेष नैथानी, पुलिस इंसपेक्टर, सब इंसपेक्टर समेत कई पुलिस के जवान घायल हुए, लेकिन किसी भी कीमत पर दोनों ही पक्षों के बीच दूरी बनाये रखा. दोनों को आपस में भिड़ने नहीं दिया. वैसे दोनों समुदाय के कई सफेदपोश अंदर ही अंदर इसे हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे, जिसे पुलिस प्रशासन को भी पता चल चुका था. जिस तरह से एक छोटी सी घटना ने वृहत रूप ले लिया था, यह यूं हीं नहीं हुआ था. इसके पीछे कई दिनों से साजिश चल रही थी. परदे के पीछे इसके ताने-बाने तो ईद के एक दिन पूर्व से ही बुने जा रहे थे, जिसकी खबर पुलिस को मिल चुकी थी. यही कारण है कि पुलिस किसी भी अनहोनी घटना को रोकने के लिए तत्पर थी.
नये-नये जमशेदपुर में पदस्थापित एसएसपी अनुप टी मैथ्यू ने जबरदस्त रूप से सूझ-बूझ का परिचय दिया. भीड़ में खुद जा कर लोगों को समझाते रहे. उनसे शांति बनाये रखने की अपील करते रहे, ताकि बात आगे बढ़े नहीं. इसी प्रकार सिटी एसपी चंदन कुमार झा ने खुद पत्थर की चोट से घायल हो कर भी मैदान में डटे रहे और बंद समर्थकों को समझाते –बुझाते रहे और गांधी मैदान से उस पार बंद समर्थकों को किसी भी सूरत में जाने नहीं दिया. हालांकि पुलिस ने बंद समर्थकों पर बल प्रयोग किया, लेकिन ऐसा नहीं कि किसी को कोई गंभीर क्षति हो. उधर मानगो थाना के उस पार आजाद बस्ती, दाई गुट्टू, रोड नंबर 13-14 तक पुलिस बल को भर दिया तथा छावनी में बदल दिया था. साथ ही डिमना रोड में भी यही स्थिति थी. साथ ही जबरदस्त रूप से पेट्रोलिंग भी की जा रही थी. ट्रैफिक डीएसपी, धालभूम अनुमंडल पदाधिकरारी लगातार मोरचे पर डटे रहे और स्थिति को नियंत्रित करते रहे. अपना न तो धैर्य खोया और न ही भीड़ पर बहुत ज्यादा सख्ती की, वरना भीड़ काफी उग्र हो सकती थी, जिससे स्थित और भी गंभीर हो सकती थी. हालांकि शहर के अन्य संवेदनशील थाना क्षेत्रों में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गयी थी. साथ ही समाज के प्रबुद्ध लोगों समेत थाना शांति समिति के सदस्यों को भी सक्रिय कर दिय गया था. सिहभूम चैबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सुरेश संथालिया अपनी टीम के साथ भीड़ को शांत कराते देखे गये.

