
सुरक्षा को लेकर पुलिस भी चौकस रही

चाईबासा।
प० जिला के पदाधिकारीगण प्रशासनिक संस्कृति से इतर कर्तव्य हीन और असंवेदनशील हो गए है।जिला में पेयजल की संकट है पर पदाधिकारीगण सिर्फ बैठक करते है सरजमीं पर कोई काम नहीं करते।यही वजह है कि उपायुक्त द्वारा पेयजल विभाग को चापानल मरम्मति का निर्देश देने के बाद भी विभाग काम नहीं कर रही है।ज़िला के प्रखंड में 15,20 दिन से बिजली आपूर्ति बंद है लेकिन बिजली विभाग कुम्भकरण की नींद सो रही है।जबकि अधीक्षण अभियंता,कार्यपालक अभियंता द्वारा सामाजिक निगमिक दाहित्व के तहत रुंगटा की ओर से निर्मित ग्रीड का उद गठन करते हुए कहा था कि जिला को 24 घंटा बिजली आपूर्ति की जायेगी।जिला के पदाधिकारीगण जिला के जनता को निर्दोष और निरक्षर समझकर उपेक्षा की जा रही है।लेकिन कांग्रेस पार्टी मुलभुत सुविधा के लिए लड़ाई लड़ती रहेगी उक्त बाते सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा । जिला वरीय उपाध्यक्ष राहुल आदित्य ने कहा कि बीजेपी की सरकार राज्य में आने के बाद आदिवासी-मूलवासी की जमीन को बड़े पूंजीपतियों को देने के लिए सी एन टी/एस पी टी एक्ट में संशोधन करने का विधेयक पारित किया है।जो कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि में बदलाव कर रही है।गैर कृषि भूमि के रूप में बदलाव होने पर गरीब किसान को भी कमर्शियल टैक्स देना पड़ेगा।जिसमे गरीब किसान कमर्शियल टैक्स नहीं दे पायेंगें तो उनकी जमीन को नीलामी करने की षड्यंत्र की जा रही है। कांग्रेस खेत-किसान मजदूर संगठन के चेयरमैन छोटा पूर्ती ने कहा कि बीजेपी की सरकार निरंकुश हो गई है और सरकार के इशारे पर जिला के पदाधिकारीगण भी निरंकुश वाली भूमिका पर है।जबकि ज़िला के पदाधिकारीगण को लोकसेवक की भूमिका में रहना चाहिये।

