टाटा स्टील ने अपने मुख्य कार्यक्रम यंग एस्ट्रोनॉमर टैलेंट सर्च के तहत पठानी सामंत प्लेनेटेरियम, भुवनेश्वर के सहयोग से आयोजित किया इसरो एक्सपोजर विजिट।
जमशेदपुर।
उज्ज्वल युवा मन को प्रेरित करने की अपनी पहल में टाटा स्टील ने ओडिशा सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की एक इकाई पठानी सामंत प्लेनेटेरियम, भुवनेश्वर, के साथ ओडिशा के विद्यार्थियों के लिए बेंगलुरू स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के उपग्रह केंद्र (इसरो सेटेलाइट सेंटर-आईएसएसी) का एक्सपोजर विजिट आयोजित किया। इस विजिट से यंग एस्ट्रोनॉमर टैलेंट सर्च (याट्स) 2015-16 के 20 विजेता विद्यार्थियों को इसरो और भारतीय उपग्रहों के विकास के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानने का दुर्लभ अवसर मिला है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 8 मई को उन्हें विजिट के लिए विदा किया। डॉ. शुभेंदु पटनायक, डायरेक्टर, पठानी सामंत प्लेनेटेरियम के नेतृत्व में इस 40 सदस्यी टीम में टाटा स्टील के एक अधिकारी समेत उच्च विद्यालय के 20 याट्स विजेता विद्यार्थी और उनके शिक्षक भी शामिल थे। विद्यार्थियों ने प्राथमिक उपग्रह प्रौद्योगिकी विकास और देश में उपग्रह प्रणालियों के कार्यान्वयन में संलग्न इसरो की मुख्य इकाई ‘इसरो उपग्रह केंद्र’ (आईएसएसी) का दौरा किया है।
प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक श्री अमरेश्वर खेनेद, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, स्माल सेटेलाइट सिस्टम्स, इसरो सेटेलाइट सेंटर इस दौरे का आयोजन करने के लिए टाटा स्टील व पठानी सामंत प्लेनेटेरियम को बधाई दी। विद्यार्थियों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कॅरियर आगे बढ़ाने के संबंध में उनका मार्गदर्शन किया। आईएसएसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री एच एल श्रीनिवास ने विद्यार्थियों को केंद्र के स्पेस एक्जीबिशन का भ्रमण कराया और देश की उपग्रह प्रणाली के विकास के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
विद्यार्थियों ने हेरीटेज सेंटर और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के एयरोस्पेस संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां उन्होंने कई प्रकार के विमानों की दुलर्भ प्रदर्शनी देखी और विमानन उद्योग के विकास का सचित्र प्रस्तुतिकरण देखा। इस चार दिवसीय (10-13, मई) विजिट में विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय का भ्रमण भी शामिल था। यहां राइट बंधुओं के 1903 फ्लायर की संपूर्ण प्रतिकृति और कई अन्य वैज्ञानिक चमत्कारों समेत अमूल्य वस्तुओं की प्रदर्शनी को देख कर विद्यार्थी मंत्रमुग्ध रह गये। उन्होंने कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग का भी दौरा किया और एक इंटरएक्वि सत्र में प्रोफेसर के चंद्रशेखरा और प्रोफेसर वी. वी. बेलावदी के साथ बातचीत की। जवाहरलाल नेहरू प्लेनेटेरियम में ज्वाइंट डायरेक्टर प्रोफेसर प्रमोद जी गलगली और वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री एच. आर. मधुसूदन ने उन्हें विज्ञान के कुछ प्रयोग दिखाये और बेहद परिष्कृत दूरबीनों की कार्यप्रणाली से परिचय कराया।
इस वर्ष पूरे ओडिशा से याट्स में कक्षा आठ से कक्षा दस तक के 800 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। तीन स्तरीय प्रतियोगिता के बाद विशेषज्ञों ने इनमें से शीर्ष के 20 विद्यार्थियों को एक्सपोजर विजिट के लिए चुना गया। अंतरिक्ष विज्ञान में ओडिशा के महान खगोलविद पठानी सामंत के उत्कृष्ट योगदान को विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय करने और इस क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को चिन्हित कर प्रोत्साहित करने के लिए टाटा स्टील वर्ष 2007 से पठानी सामंत प्लेनेटेरियम के साथ यंग एस्ट्रोनॉमर टैलेंट सर्च प्रतियोगिता आयोजित कर रही है।




