
ब्रजेश भारती
सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) ।
अधिकांश ट्रेने लेट लतीफी का हो गया शिकार,यात्री हलकान
समय से पहले इस बार सर्दी के मौसम के परवान चढ़ने के साथ जाड़ा-पाला और कुहासे ने एक ओर जहां जन जीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, वहीं जरूरी काम से ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है. विशेषकर अहले सुबह ट्रेन पकड़ने के लिए घर से निकलने वाले लोगों को घने कोहरे के कारण रिक्शा और ऑटो आदि को सड़क पर देख पाने में भी मुश्किल हो रही है.वहीं घने कोहरे के कारण अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से खुल नहीं पा रही है और कई विलम्ब से गन्तव्य को पहुँच रही है.वही कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ रहा है जिसकारण अधिकांश ट्रेनों के विलंब से पहुंचने के कारण यात्री हलकान हो रहे है.जानकारी मुताबिक मंगलवार को 13206 दानापुर-सहरसा जनहित एक्सप्रेस दो घँटे 55 मिनट की देरी से शाम पांच बजकर 45 मिनट पर सहरसा पहुंची।12568 पटना-सहरसा राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक घँटे 45 मिनट लेट पटना से खुली और शाम सात बजकर 55 मिनट पर तीन घँटा दस मिनट लेट सहरसा पहुंची।वही 18698 पटना-पूर्णिया कोसी एक्सप्रेस 15 मिनट की देरी से पूर्णिया पहुंची।13205 सहरसा-दानापुर जनहित एक्सप्रेस सहरसा से नियत समय पर खुली और एक घँटे 45 मिनट लेट बुधवार को सुबह आठ बजे दानापुर पहुंची.इधर, बुधवार को 18697 पूर्णिया कोर्ट-पटना कोसी एक्सप्रेस नियत समय से पूर्णिया से खुली और तीस मिनट लेट सुबह दस बजकर 55 मिनट पर पटना पहुंची।वही 12567 सहरसा-पटना राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस पच्चीस मिनट की देरी से दोपहर ग्यारह बजकर पच्चीस मिनट के करीब पटना पहुंची.वही 15209 जनसेवा एक्सप्रेस शाम चार बजे तक सहरसा से नही खुल थी।वही 13206 दानापुर-सहरसा जनहित एक्सप्रेस एक घँटा 55 मिनट लेट दोपहर ग्यारह बजकर पन्द्रह मिनट पर दानापुर से खुली और खबर लिखे जाने तक तीन घँटा 55 मिनट की देरी से बरौनी पहुंची.12568 पटना-सहरसा राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटना से पच्चीस मिनट की देरी से दोपहर एक बजकर दस मिनट पर खुली और खबर लिखे जाने तक एक घँटा 28 मिनट की देरी से तीन बजकर 26 मिनट पर मोकामा पहुंची। सभी ट्रेने के लेट लतीफी का शिकार होने के साथ आम जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया है।प्रखंड मुख्यालय से लेकर ग्रामीण जीवन भी कौहरे व ठंड की वजह से ठहर गई है। वही अभी तक स्थानिय प्रशासन ने कहीं भी अलाव की व्यवस्था नही किया है । अलाव जलाने की मांग स्थानिय कई नेताओं ने किया है।



