
दिनांक – 30 नवम्बर 2024
दिन – शनिवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमन्त
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी प्रातः 10:29 तक तत्पश्चात अमावस्या
नक्षत्र – विशाखा दोपहर 12:35 तक तत्पश्चात अनुराधा
योग -अतिगण्ड शाम 04:45 तक तत्पश्चात सुकर्मा
राहु काल – प्रातः 09:46 से प्रातः 11:07 तक
सूर्योदय – 07:07
सूर्यास्त – 05:49
दिशा शूल – पूर्व दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:17 से 06:10 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:07 से दोपहर 12:50 तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 12:02 दिसम्बर 01 से रात्रि 12:55 दिसम्बर 01 तक
व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या
मेष- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
सूर्योदय के समय आपकी सशि के स्वामी मंगल भाग्य घर में नीच राशि में होकर भ्रमण कर रहे हैं। धार्मिक अथवा सामाजिक दृष्टि से आस्थ और विश्वास पर धक्का लग सकता है। आपको मनोबल टूटता नजर आ रहा है।
वृष- (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे, वो)
सूर्योदय के समय आपकी राशि के स्वामी शुक्र धनु राशि में और गुरू वृषभ में वक्री होकर सातवें घर में बिराजमान हैं। आर्थिक स्थिति का घर-परिवार पर सीधा असर दिखा रहा है। जिन वस्तुओं की आवश्यकता आप अभी महसूस कर रहें है, वो लेना संभव नही लग रहा।
मिथुन- (का, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा)
सूर्योदय के समय राशि के स्वामी बुध लग्न में सूर्य के साथ बैठे हैं। अपने अन्दर की तीव्रता पर रोक लगाएं। सुनी-सुनाई बातो पर विश्वास न करें। 30 ग्राम मूंग की दाल को पीपल के चारों ओर बिखेर दें।
कर्क- (ही, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
सूर्योदय के समय राशि के स्वामी चन्द्र, सूर्य के साथ होकर पानी से बचने का संकेत कर रहे हैं। किसी भी तरह से पाने के साथ जुड़ा कार्य करते समय लापरवाही दिखाना, नुकसान की ओर ईशारा दे रहा है।
सिंह- (मा, मी, मु, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सूर्योदय के समय राशि के स्वामी सूर्य लग्न में बिराजमान होकर बुद्धि का प्रयोग सही दिशा में न होने की ओर बता रहे है। आप खुद की बातों को दूसरे पर थोपना चाहेंगे किन्तु कोई लाभ नहीं होगा।
कन्या- (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
सूर्योदय के समय राशि के स्वामी बुध, अच्छे संकेत करता है क्योंकि आपकी राशि में केतु बिराजमान हैं। थोड़ा समय लग सकता है किन्तु आपको अपनी मंजलि मिलने से कोई नही रोक सकता है।
तुला- (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
सूर्योदय के समय आपकी राशि के स्वामी शुक्र दूसरे भाव में बिराजमान होकर अपने बल, प्राक्रम और साहस से परीपूर्ण होने का संकेत कर रहा है। आपके अन्दर का ये साहस दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगा।
वृश्चिक- (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) सू
र्योदय के समय आपकी राशि के स्वामी मंगल भाग्य घर में नीच राशि के होने के कारण आप समाज की बातों को देखकर ऐसे विचार मन में पैदा कर सकता है कि सब कुछ त्याग कर सिर्फ अपने ही मस्त रहना ज्यादा बेहतर है।
धनु -(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
किसे के जीने-मरने से आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सांसारिक बाते आप पर ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पायेंगी। आपके अन्दर एक ऐसा दिमाग छिपा है, जो कब किसी ओर करवट ले जाये, देखने-सोचने वाले की सोच से परे होगा।
मकर -(भो, जा, जी, खी, खु, खा, खो, गा, गी)
वाहन के बिना यदि काम हो सकता है, तो प्राथमिकता दें। यदि चलाना भी पड़े अथवा अन्य वाहन पर सफर करना पड़े, तब भी सामान्य गति आपके लिए थोडी चिंता जनक दिखाई दे रही है।
कुम्भ -(गु, गे, गो, सा, सी, सु, से, सो, दा)
चेहरे के बनावटी पन की ओर आकर्षित होते हुए, आप वासना की दलदल की ओर खीचे जायेंगे। इस समय आपको अपने कदम फूंक-फूंक कर रखने होंगे। दूसरों का विनम्र स्वभाव आपके जीवन पर नुकसान दायक बनता दिख रहा है।
मीन -(दी. दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आपकी राशि के स्वामी गुरू वक्री होकर वृषभ राशि में बैठे होने के कारण आपको मार्ग से भटका सकता है। आपके अन्दर किसी के भी बारे में जानने के लिए उत्सुकता को बढ़ावा देगा।
सम्पर्क:-
पं कुंतलेश पाण्डेय
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