
जमशेदपुर: शहर के बच्चों की तार्किक सोच (Logical Thinking) और दिमागी कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से एक बेहद ही अनूठा और रोमांचक कार्यक्रम आयोजित किया गया। बेल्डीह लेक के सामने, 11 लेक व्यू रोड (पंचवटी) में “द ग्रेट डिटेक्टिव चैलेंज, केस 001: द वैनिशिंग सैफायर क्यूब” का शानदार आयोजन हुआ, जिसमें नन्हे बच्चों ने जासूस बनकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।


इस रोमांचक और वास्तविक अनुभव देने वाले मर्डर-मिस्ट्री कार्यक्रम में 7 से 13 वर्ष की आयु के 19 बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
सुराग, पहेलियां और सस्पेंस: ऐसे सुलझाया केस
कार्यक्रम में बच्चों को पांच-पांच की टीमों में बांटा गया था। इन नन्हे जासूसों के सामने ‘चोर’ की पहचान करने की एक बड़ी चुनौती थी। बच्चों ने असली जासूसों की तरह काम करते हुए:
गवाहों के बयान सुने और उनका विश्लेषण किया।
कोडेड पहेलियों (Coded Puzzles) को डिकोड किया।
कई स्तरों पर छिपे हुए सुरागों को आपस में जोड़कर चोरी की गुत्थी सुलझाई।
अंत में, सभी प्रतिभागियों के सामने लाइव आमना-सामना हुआ और ‘अपराधी’ की स्वीकारोक्ति के साथ इस दिलचस्प केस का पर्दाफाश हुआ।
हेल्दी बाइट्स का सहयोग और आयोजकों की खास तैयारी
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों का मनोरंजन करना नहीं था, बल्कि उन्हें सोचने, तर्क करने और एक टीम में मिलकर काम करने के लिए एक वास्तविक मंच (Real-world platform) उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का सफल आयोजन भावुक गुप्ता, विभूति धंध अडेसरा और सोनाली स्नेह की टीम द्वारा किया गया।
बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए इस आयोजन में ‘हेल्दी बाइट्स’ (Healthy Bites) ने विशेष सहयोग दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के लिए खासतौर पर तैयार किए गए ‘कम चीनी वाले स्नैक्स’ (Low-sugar snacks) उपलब्ध कराए।
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अभिभावकों ने की तारीफ, भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन
इस अनोखे इवेंट को बच्चों और उनके अभिभावकों दोनों की ओर से बेहद शानदार प्रतिक्रिया मिली। कई अभिभावकों ने खुशी जताते हुए बताया कि 90 मिनट तक चले इस पूरे अनुभव के दौरान उनके बच्चे पूरी तरह से केस में डूबे रहे और उनका फोकस कमाल का था।
आयोजकों ने बताया कि जमशेदपुर के बच्चों में बढ़ती रुचि को देखते हुए भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इन कार्यक्रमों को कहानी-आधारित चुनौतियों (Story-based challenges) के माध्यम से तैयार किया जाएगा, ताकि बच्चों में समस्या सुलझाने (Problem-solving) और टीम वर्क की क्षमता का विकास हो सके।




