
जमशेदपुर। टाटा वर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू), जमशेदपुर ने आज श्री नटराजन चंद्रशेखरन, एक्जीक्यूटिव चेयरमैन, टाटा संस को देश और दुनिया के मंच पर व्यावसायिक नेतृत्व में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ’25 वें माइकल जॉन मेमोरियल लेक्चर गोल्ड मेडल’ पुरस्कार से सम्मानित किया, जिसमें दिया गया।
श्री टी वी नरेंद्रन, सीईओ ऐंड एमडी, टाटा स्टील इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि इंटक के महासचिव श्री राजेंद्र प्रसाद सिंह समारोह के विशिष्ट अतिथि थे।
श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि एक चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल में सफलता के लिए अनिवार्यताओं को ध्यान में रखते हुए, “काॅर्पोरेट्स को मानवीय मुद्दों के सह-अस्तित्व में डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका को स्वीकार करते हुए पर्यावरणीय मुद्दों और स्थिरता को संबोधित करना चाहिए एवं रचनात्मकता, सहयोग व महत्वपूर्ण सोच के आसपास अतिरिक्त कौशल का निर्माण करना चाहिए। नए पारिस्थितिक तंत्रों के निर्माण और विकास में हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जो हमेशा विकास की अग्रसर भू-राजनीतिक वातावरण में किये जा रहे व्यापार को फिर से परिभाषित कर रहा है। ”
अपने संबोधन में, श्री राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा; ‘वास्तव में यह एक यादगार पल है कि आज श्री नटराजन चंद्रशेखरन, एक्जीक्यूटिव चेयरमैन, टाटा संस माइकल जॉन मेमोरियल लेक्चर अवार्ड के प्राप्तकर्ताओं की शानदार सूची में शामिल हो रहे हैं। मेरे सभी सहयोगियों और यूनियन के सदस्यों की ओर से श्री चंद्रशेखरन को हार्दिक बधाई। ”
श्री आर रवि प्रसाद, अध्यक्ष टाटा वर्कर्स यूनियन और अध्यक्ष, माइकल जॉन मेमोरियल लेक्चर कमिटी ने कहा; “टाटा वर्कर्स यूनियन के शताब्दी वर्ष में, आज श्री चंद्रशेखरन को 25वें माइकल जॉन मेमोरियल लेक्चर गोल्ड मेडल प्रदान करना हमारे लिए यह गर्व और सम्मान की बात है। भारत को विश्व मंच पर स्थान दिलाने और देश में सस्टेनेबल व्यावसायिक संस्थान का निर्माण करने के मामले में श्री चंद्रशेखरन द्वारा प्रदान किए गए नेतृत्व से भारतीय उद्योग जगत काफी लाभान्वित हुआ है।”
2 जून, 1963 को तमिलनाडु के कोयम्बटूर के पास मोहनूर में जन्मे, श्री चंद्रशेखरन ने त्रिची (अब राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली) से रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से में अपना मास्टर्स पूरा किया और 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ज्वाइन किया। भारत में आईटी उद्योग अभी भी एक नवजात अवस्था में था। अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ, श्री चंद्रशेखरन ने 2009 में टीसीएस में सीईओ का पद ग्रहण किया। वे अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में इसके चेयरमैन नियुक्त किए गए। श्री चंद्रशेखरन को 2015 में भारतीय आईटी उद्योग निकाय नैसकाॅम का भी चेयरमैन नामित किया गया था।
टाटा समूह में अपने पेशेवर कैरियर के अलावा, 2016 में श्री चंद्रशेखरन को भारतीय रिज़र्व बैंक के बोर्ड में निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। 2018 में, उन्हें सिंगापुर के आर्थिक विकास बोर्ड के अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में नियुक्त किया गया। वे आईआईएम, लखनऊ के चेयरमैन के साथ-साथ इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस, बेंगलुरु में कोर्ट के प्रेसिडेंट भी हैं।
श्री चंद्रशेखरन ने 2015-16 में वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में इंफाॅर्मेंशन ऐंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलाॅजी इंडस्ट्री गवर्नर्स के चेयरपर्सन के रूप में भी काम किया है।
वर्षों से, श्री चंद्रशेखरन को सामुदायिक और औद्योगिक संस्थानों द्वारा कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें कॉरपोरेट एक्सीलेंस 2016 के ईटी अवाड्र्स में ’बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर’, सीएनबीसी टीवी18, ’इंडियन बिजनेस आइकन’ 2014, सीएनबीसी-आईबीसी इंडियन ऑफ द ईयर 2014 (बिजनेस कैटेगरी) और और 2014 बिजनेस टुडे द्वारा 2013 और 2014 के लिए बेस्ट सीईओ आदि अवार्ड शामिल है।
इसके अतिरिक्त, श्री चंद्रशेखरन ने अपने अल्मा मेटर, एनआईटी, तिरुचिरापल्ली से डॉक्टर ऑफ लेटर्स (ऑनोरिस कोसा) की डिग्री सहित कई शिक्षण संस्थानों से मान्यता प्राप्त की है।
जब से श्री चंद्रशेखरन टाटा संस के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभाली है, तब से उन्होंने टाटा समूह के कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम को परिष्कृत किया है, ताकि शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, वंचितों के सशक्तीकरण, कौशल विकास और कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
एक शौकीन मैराथन धावक श्री चंद्रशेखरन ने बोस्टन, बर्लिन, न्यूयॉर्क, शिकागो, एम्स्टर्डम और मुंबई मैराथन जैसे दुनिया भर के प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया है।
टाटा वर्कर्स यूनियन के 100 वर्ष के पड़ाव का जश्न मनाने के लिए श्री चंद्रशेखरन ने आज यूनियन कार्यालय परिसर में अपग्रेडेड वी जी गोपाल हेरिटेज गैलरी का भी उद्घाटन किया।

